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Air Pollution: देश में प्रदूषण का महाविस्फोट! बठिंडा का AQI 1018 पहुंचा, पंजाब-हरियाणा के शहरों में सांस लेना हुआ मुश्किल
बठिंडा का AQI 1018, देश के सबसे प्रदूषित शहरों में पंजाब-हरियाणा का दबदबा
देश में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही वायु प्रदूषण ने चिंताजनक रूप ले लिया है। खासकर उत्तर भारत के राज्यों में हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है। पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं के साथ-साथ दशहरे के बाद पटाखों के धुएं ने प्रदूषण की समस्या को और गंभीर बना दिया है। हालात ऐसे हैं कि कई शहरों में लोगों के लिए खुली हवा में सांस लेना भी मुश्किल होता जा रहा है।
मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब के बठिंडा में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 1018 दर्ज किया गया। यह बेहद चिंताजनक स्तर है। देश के सबसे प्रदूषित टॉप-10 शहरों की सूची में पंजाब और हरियाणा के शहरों का दबदबा रहा। वहीं, उत्तर प्रदेश के मेरठ, गाजियाबाद और मुरादाबाद भी प्रदूषण के मामले में शीर्ष 10 शहरों में शामिल रहे।
बठिंडा सबसे प्रदूषित, सिरसा और रोहतक भी बेहाल
देश में सबसे खराब वायु गुणवत्ता वाले शहरों की सूची में पंजाब का बठिंडा पहले स्थान पर रहा। यहां AQI 1018 दर्ज किया गया। इसके बाद हरियाणा के सिरसा में 848 और रोहतक में 847 AQI रिकॉर्ड किया गया।
पंजाब के फरीदकोट में AQI 801 और जालंधर में 760 दर्ज हुआ। इन आंकड़ों से साफ है कि पंजाब और हरियाणा के कई शहरों में प्रदूषण का स्तर बेहद चिंताजनक स्थिति में पहुंच चुका है।
देश के सबसे प्रदूषित टॉप-10 शहर
मंगलवार को सामने आए आंकड़ों के अनुसार देश के सबसे प्रदूषित 10 शहरों की सूची इस प्रकार रही:
- बठिंडा (पंजाब) – 1018 AQI
- सिरसा (हरियाणा) – 848 AQI
- रोहतक (हरियाणा) – 847 AQI
- फरीदकोट (पंजाब) – 801 AQI
- जालंधर (पंजाब) – 760 AQI
- मेरठ (उत्तर प्रदेश) – 678 AQI
- गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) – 648 AQI
- सोनीपत (हरियाणा) – 585 AQI
- हिसार (हरियाणा) – 562 AQI
- मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) – 545 AQI
इस सूची में पंजाब और हरियाणा के कुल सात शहर शामिल हैं, जबकि उत्तर प्रदेश के तीन शहरों ने भी शीर्ष 10 में जगह बनाई।
37 शहरों में हवा बेहद जहरीली, यूपी सबसे ज्यादा प्रभावित
प्रदूषण का दायरा केवल पंजाब और हरियाणा तक सीमित नहीं है। मंगलवार को देश के 37 शहरों में वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर दर्ज की गई। इनमें उत्तर प्रदेश के 16 शहर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे।
वहीं, हरियाणा के 11 और पंजाब के आठ शहरों में भी प्रदूषण का स्तर गंभीर स्थिति में पहुंच गया। इसके अलावा राजस्थान के अलवर और नई दिल्ली में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब दर्ज की गई।
ये आंकड़े बताते हैं कि सर्दियों के मौसम में उत्तर भारत के बड़े हिस्से पर वायु प्रदूषण का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
दिल्ली-NCR में भी प्रदूषण का कहर, दिल्ली का AQI 496
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के शहरों में भी प्रदूषण ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को नई दिल्ली का AQI 496 दर्ज किया गया। वहीं, ग्रेटर नोएडा में 493, नोएडा में 469 और फरीदाबाद में 439 AQI रिकॉर्ड हुआ।
गुरुग्राम में भी स्थिति बेहतर नहीं रही। यहां AQI 395 दर्ज किया गया। दिल्ली-NCR के इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्षेत्र में प्रदूषण किस कदर बढ़ चुका है।
मुंबई और कोलकाता से कई गुना ज्यादा प्रदूषित उत्तर भारत की हवा
देश के अन्य बड़े महानगरों की तुलना में उत्तर भारत के शहरों में प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा दर्ज किया गया। मंगलवार को कोलकाता का AQI 176, मुंबई का 151 और हैदराबाद का 82 रहा।
इसके मुकाबले पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR के कई शहरों में AQI कई गुना अधिक दर्ज किया गया। इससे साफ है कि फिलहाल वायु प्रदूषण की सबसे गंभीर मार उत्तर भारत के शहरों पर पड़ रही है।
पराली और पटाखों के धुएं से बढ़ी चिंता, सेहत पर मंडरा रहा खतरा
सर्दियों की शुरुआत के साथ हवा की गति कम होने और वातावरण में प्रदूषकों के जमा होने से प्रदूषण की समस्या और गंभीर हो सकती है। पराली जलाने से निकलने वाला धुआं, वाहनों का उत्सर्जन, निर्माण कार्यों की धूल और पटाखों से निकलने वाले प्रदूषक हवा की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।
खराब हवा का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस या हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों पर पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को प्रदूषण के स्तर पर नजर रखने, अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सर्दियों के बढ़ने के साथ प्रदूषण का स्तर किस हद तक पहुंचेगा और इससे निपटने के लिए सरकारें कितने प्रभावी कदम उठाएंगी। अगर समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो उत्तर भारत के करोड़ों लोगों के लिए आने वाले दिन और मुश्किल हो सकते हैं।
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