Cyber ​​Scam: 2.10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

साइबर पुलिस ने धोखाधड़ी की जांच की तेज

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नई दिल्ली, (सच कहूँ/हि.स.)। डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर कथित तौर पर करोड़ों रुपये की ठगी करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनू खान (36) और अर्जुन चौधरी (38) के रूप में हुई है। मामले में करीब 2.10 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी की जांच की जा रही है।

पुलिस को यह मामला नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर मिली शिकायतों की जांच के दौरान सामने आया। जांचकर्ताओं ने एक संदिग्ध बैंक खाते में हुए लेनदेन की पड़ताल की, जिसके बाद ठगी से जुड़े वित्तीय नेटवर्क का पता लगाने की कार्रवाई शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि 12 अक्टूबर को यमुना विहार के एक बैंक खाते में 98,592 रुपये जमा हुए थे। इस रकम में से 49 हजार रुपये उसी दिन निकाल लिए गए, जबकि शेष राशि चेक के माध्यम से निकाली गई।

बैंक खाते की जांच से गिरफ्तारी तक पहुंची पुलिस

बैंक रिकॉर्ड की जांच में इस लेनदेन का संबंध दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की आईएफएसओ यूनिट में दर्ज डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी के मामले से सामने आया। इस मामले में जनकपुरी के एक निवासी ने शिकायत दी थी कि साइबर अपराधियों ने उसे जांच और गिरफ्तारी का भय दिखाकर कथित तौर पर 2.10 करोड़ रुपये की रकम ठग ली।

मामले की तह तक जाने के लिए साइबर पुलिस ने बैंकिंग रिकॉर्ड, तकनीकी जानकारी और संदिग्ध लेनदेन की जांच की। इसी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 23 अक्टूबर को अशोक नगर से सोनू खान को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, सोनू वहां डिस्पोजेबल सामान की दुकान संचालित करता था। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से तीन मोबाइल फोन, छह बैंक डेबिट कार्ड और 10 चेकबुक बरामद की गईं। पुलिस इन वस्तुओं को कथित वित्तीय लेनदेन और साइबर ठगी के नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सोनू खान ने अर्जुन चौधरी के बारे में जानकारी दी। सोनू ने कथित तौर पर बताया कि अर्जुन ने दुकान शुरू करने के लिए उसे आर्थिक सहायता दी थी और बाद में उसके बैंक खाते पर नियंत्रण हासिल कर लिया था।

डिजिटल साक्ष्यों और रकम के ट्रेल की पड़ताल

जांच एजेंसी को आशंका है कि संबंधित बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध से प्राप्त धन को आगे भेजने या निकालने के लिए किया गया हो सकता है। हालांकि, खातों के इस्तेमाल और दोनों आरोपियों की वास्तविक भूमिका की पुष्टि के लिए जांच जारी है। सोनू से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने शाहदरा के राम नगर इलाके से अर्जुन चौधरी को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है।

पुलिस का कहना है कि उपलब्ध रिकॉर्ड में दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले किसी आपराधिक मामले का उल्लेख नहीं मिला है। फिलहाल जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संदिग्ध बैंक खाते किसने खुलवाए, उनका संचालन कौन करता था और कथित ठगी की रकम किन खातों से होकर गुजरी। बरामद मोबाइल फोन, बैंक कार्ड, चेकबुक और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि ठगी से प्राप्त रकम का अंतिम इस्तेमाल कहां हुआ और इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका तो नहीं है।

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