Expressway News: वाहन चालक ध्यान दें इन एक्सप्रेसवे पर अब पहले वाली रफ्तार मत रखना, सरकार ने नए नियम बना दिए....

Expressway News: वाहन चालक ध्यान दें इन एक्सप्रेसवे पर अब पहले वाली रफ्तार मत रखना, सरकार ने नए नियम बना दिए....

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उत्तर प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और सर्दियों में घने कोहरे से होने वाले हादसों को रोकने के लिए योगी सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी की है। इसके तहत उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा से घटाकर 100 किलोमीटर प्रति घंटा करने का फैसला लिया गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य तेज रफ्तार के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

औद्योगिक अवस्थापना आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत नवंबर से पेट्रोलिंग बढ़ाने, अतिरिक्त पार्किंग सुविधाएं विकसित करने और कोहरे के दौरान बेहतर निगरानी के लिए फॉग लाइट व वेदर सेंसर लगाने जैसे कदम उठाए जाएंगे।

एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार से चलने वालों पर होगी सख्ती

सर्दियों में कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता कम हो जाती है। ऐसे में तेज रफ्तार वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए एक्सप्रेसवे पर गति सीमा कम करने की योजना बनाई गई है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर नियमानुसार कार्रवाई और जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि, जुर्माने की राशि और नियमों के अंतिम विवरण की आधिकारिक पुष्टि जरूरी होगी।

हर 40 किलोमीटर पर तैनात होगी पेट्रोलिंग टीम

एक्सप्रेसवे पर किसी वाहन के खराब होने या दुर्घटना की स्थिति में जल्द सहायता उपलब्ध कराने के लिए पेट्रोलिंग व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। अभी तक हर 50 किलोमीटर पर एक पेट्रोलिंग टीम तैनात होने की व्यवस्था बताई गई है, जिसे बदलकर हर 40 किलोमीटर पर करने की योजना है।

इसके अलावा सर्दी और घने कोहरे के दौरान राष्ट्रीय तथा राज्य राजमार्गों पर पर्याप्त एम्बुलेंस, रेस्क्यू वाहन और पेट्रोलिंग गाड़ियां तैनात रखने पर जोर दिया गया है। दुर्घटना की आशंका वाले ब्लैक स्पॉट भी चिह्नित किए जाएंगे। जरूरत के अनुसार इन स्थानों पर वाहन चालकों की जांच सहित अन्य सुरक्षा उपाय किए जा सकते हैं।

हर 50 किलोमीटर पर बनेंगे पार्किंग और सुविधा केंद्र

रात के समय लंबी दूरी तक लगातार वाहन चलाने से थकान और नींद आने का खतरा बढ़ जाता है। कई बार चालक समय पर आराम नहीं कर पाते, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।

इसी समस्या को देखते हुए एक्सप्रेसवे पर पार्किंग और विश्राम स्थलों की उपलब्धता बढ़ाने की योजना बनाई गई है। दी गई जानकारी के अनुसार, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर कुछ स्टॉपेज के बीच करीब 100 किलोमीटर, गंगा एक्सप्रेसवे पर 66 किलोमीटर और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर लगभग 70 किलोमीटर की दूरी है।

नई योजना के तहत औसतन हर 50 किलोमीटर पर अतिरिक्त पार्किंग और सुविधा केंद्र विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। इससे वाहन चालक अपनी गाड़ी रोककर आराम कर सकेंगे और थकान के कारण होने वाले हादसों का खतरा कम करने में मदद मिलेगी।

कोहरे से निपटने के लिए लगेंगे फॉग लाइट और वेदर सेंसर

सर्दियों में घने कोहरे के दौरान सड़क दिखाई नहीं देने से वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है। ऐसे में फॉग लाइट और वेदर सेंसर जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करने की योजना बनाई गई है। इनकी मदद से मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर वाहन चालकों को सतर्क करने में मदद मिल सकती है।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे पर गति सीमा में प्रस्तावित बदलाव, पेट्रोलिंग टीमों की बढ़ती संख्या और अतिरिक्त विश्राम स्थलों का उद्देश्य यात्रियों का सफर अधिक सुरक्षित बनाना है। हालांकि, वाहन चालकों को नई गति सीमा और अन्य नियमों के लागू होने की आधिकारिक सूचना का ध्यान रखना चाहिए।

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