Child Marriage Awareness: बाल विवाह को रोकने के लिए बड़ी पहल, अब गांव गांव में लगेंगे बैनर
धार्मिक स्थलों के माध्यम से भी किया जाएगा जागरूक
Child Marriage Awareness: सरसा (सच कहूँ न्यूज)। सरसा जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए अब गांव-गांव और धार्मिक स्थलों पर बैनर लगाकर लोगों को कानून के प्रति जागरूक किया जाएगा। बैनरों पर नारा लिखा होगा- ‘बाल विवाह के गंदे खेल में शामिल सभी षड्यंत्रकारी जाएंगे जेल में’ सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन फाउंडेशन ने पिछले दो महीने से चल रहे अभियान को तेज करने की तैयारी की है।
सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन के संस्थापक सुनील जागलान ने बताया कि जिले के सभी गांवों, कस्बों और शहरों के प्रमुख स्थानों पर बैनर लगाए जाएंगे। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर भी इनके माध्यम से लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। बैनरों पर बाल विवाह की सूचना देने और सहायता प्राप्त करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर भी अंकित किया जाएगा।
दो साल तक की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान
सुनील जागलान ने कहा कि ‘बच्ची हूं, दुल्हन नहीं’ नारे के साथ शुरू किए गए अभियान का लक्ष्य सरसा को बाल विवाह मुक्त जिला बनाना है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह में शामिल होने वाले माता-पिता, रिश्तेदारों या अन्य लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो सकती है।
बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है। इससे उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर गंभीर असर पड़ता है। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन के कार्यकर्ता गांवों में जाकर लोगों से बातचीत कर रहे हैं और उन्हें बाल विवाह रोकने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। अब बैनरों के माध्यम से इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि बाल विवाह की किसी भी घटना की समय रहते सूचना मिल सके और उसे रोका जा सके।