Body Donation: सरसा के गांव टप्पी के दूसरे शरीरदानी बने सुभाष चंद इन्सां

अंतिम इच्छा के अनुसार परिजनों ने मेडिकल शोध के लिए किया देहदान

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सिरसा, (सच कहूँ/अनिल)। मानवता की सेवा का जज्बा जीवन तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि कुछ लोग मृत्यु के बाद भी दूसरों के लिए मिसाल बन जाते हैं। डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलकर ऐसी ही प्रेरणादायी मिसाल गांव टप्पी निवासी 61 वर्षीय सुभाष चंद इन्सां ने पेश की। उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए पार्थिव शरीर मेडिकल शोध के लिए रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बरेली (उत्तर प्रदेश) को दान कर दिया। इसके साथ ही वह गांव टप्पी के दूसरे शरीरदानी बन गए।

ब्लॉक प्रेमी सेवक केवल कृष्ण इन्सां ने बताया कि सुभाष चंद इन्सां ने पूज्य गुरु जी से गुरु मंत्र लिया हुआ था। हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया। शनिवार को उनके निधन के बाद बेटे कुलदीप इन्सां, बेटियों नीरू इन्सां व मनदीप इन्सां तथा पत्नी विद्या देवी इन्सां ने उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार देहदान की प्रक्रिया पूरी करवाई। यह देहदान अमर सेवा मुहिम के तहत किया गया। फूलों से सजी एंबुलेंस में पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया गया।

बेटियों ने अर्थी को कंधा देकर दिया संदेश

डेरा सच्चा सौदा की बेटा-बेटी एक समान मुहिम को आगे बढ़ाते हुए बेटियों नीरू इन्सां और मनदीप इन्सां ने पिता की अर्थी को कंधा दिया। अंतिम विदाई में शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सदस्यों, साध-संगत और रिश्तेदारों ने नम आंखों से विदाई दी। इस दौरान 'जब तक सूरज चांद रहेगा, सुभाष चंद इन्सां तेरा नाम रहेगा' और 'सुभाष चंद इन्सां अमर रहें' के नारे लगाए गए। अंतिम विदाई में डबवाली, दारेवाला, श्री जलालआना साहिब सहित आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इस अवसर पर सच्चे नम्र सेवादार करनैल सिंह इन्सां, सुरजीत सिंह इन्सां, संदीप इन्सां, धनराज इन्सां, डॉ. ओमप्रकाश इन्सां सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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