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Farmer News: ओलावृष्टि से परेशान किसानों को बड़ी राहत, पूर्व सरपंच के परिवार ने प्रभावित किसानों की मदद की
अपने ट्रैक्टर और डीजल से कराएगा गेहूं की बिजाई
फतेहाबाद, (सच कहूँ/विनोद शर्मा)। किसान की परेशानी को अपना दर्द समझना और मुश्किल वक्त में उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना ही सच्ची समाजसेवा है। इसी भावना के साथ भरपूर गांव में पूर्व सरपंच दरिया सिंह पूनिया के परिवार ने एक सराहनीय पहल की है। शनिवार को हुई ओलावृष्टि से जिन किसानों की धान की फसल प्रभावित हुई है और उनके पास अपना ट्रैक्टर नहीं है, ऐसे किसानों के खेतों में पुनिया परिवार अपने ट्रैक्टर और डीजल से गेहूं की बिजाई करेगा। परिवार की इस पहल से आर्थिक रूप से परेशान किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। पुनिया परिवार के इस कदम की ग्रामीणों में खूब सराहना हो रही है।
परिवार का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण पहले ही किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में अगली फसल की बिजाई के लिए उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ न उठाना पड़े, इसी उद्देश्य से यह पहल की गई है। परिवार ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित किसानों के खेतों में अपने खर्च पर गेहूं की बिजाई की जाएगी, ताकि किसान समय पर अगली फसल की तैयारी कर सकें।
100 एकड़ फसल ओलावृष्टि से प्रभावित
शनिवार को हुई ओलावृष्टि के कारण क्षेत्र में करीब 100 एकड़ फसल प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। फसल को हुए नुकसान से किसान चिंतित हैं। ऐसे में पुनिया परिवार की पहल प्रभावित किसानों के लिए मददगार साबित हो सकती है। परिवार ने किसानों से अपील की है कि संकट की इस घड़ी में एक-दूसरे का सहयोग करें और किसी भी जरूरतमंद किसान को अकेला महसूस न होने दें।
पुनिया परिवार के अनुसार, यह पहली बार नहीं है, जब उन्होंने किसानों की मदद के लिए कदम बढ़ाए हैं। इससे पहले फतेहाबाद जिले में बाढ़ के दौरान भी परिवार ने किसानों की सहायता करते हुए करीब 50 एकड़ में बिजाई के लिए पनीर किसानों को वितरित किए थे, ताकि उन्हें आर्थिक संबल मिल सके। परिवार का मानना है कि किसान की फसल खराब होने का असर केवल उसकी आमदनी पर ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। ऐसे समय में समाज के सक्षम लोगों को आगे आकर किसानों की मदद करनी चाहिए।
पिता-माता से मिली सेवा की प्रेरणा
परिवार के सदस्य ने बताया कि उन्हें जरूरतमंदों की सहायता करने की प्रेरणा अपने पिता प्रभु राम और माता परमेश्वरी देवी से मिली है। उनके पिता भी समय-समय पर जरूरतमंद किसानों की मदद करते थे और आर्थिक रूप से परेशान लोगों के साथ खड़े रहते थे। माता-पिता से मिले इन्हीं संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए परिवार ने किसानों की मदद करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि वह भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ, हरियाणा से जुड़े हुए हैं। वर्ष 2005 से 2015 के बीच वह दो बार गांव के सरपंच भी रह चुके हैं। इस दौरान भी उनका प्रयास ग्रामीणों की समस्याओं को समझकर उनका समाधान करवाना रहा।
इस कार्य में उनके मित्र ज्ञानचंद पूनिया, जसवंत, हरदीप सिंह, नरेंद्र मेहता, भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ के प्रदेश प्रवक्ता राम जाट और श्याम सिंह भी हमेशा सहयोग के लिए साथ खड़े रहते हैं। पुनिया परिवार ने कहा कि किसान खुशहाल होगा, तभी प्रदेश तरक्की करेगा। इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार किसानों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। परिवार की इस पहल को ग्रामीणों ने सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास आपसी भाईचारे और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं।
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