Paid Tribute: धमतान साहिब व धनौरी के महाशहीद सेवादारों को श्रद्धांजलि अर्पित
2001 में कोटड़ा जाते वक्त सड़क हादसे में धमतान साहिब और धनौरी
Paid Tribute: धमतान साहिब, (सच कहूँ/कुलदीप नैन)। ब्लॉक धमतान साहिब और ब्लॉक धनौरी के शहीद सेवादारों की स्मृति में बुधवार को एमएसजी डेरा सच्चा सौदा एवं मानवता भलाई केंद्र, सुझवान में ब्लॉक स्तरीय नामचर्चा का आयोजन किया गया। इसमें धमतान साहिब ब्लॉक की साध-संगत ने पहुंचकर महाशहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान शहीदों की याद में चार जरूरतमंद परिवारों को राशन भी वितरित किया गया।

नामचर्चा में पुरूषोतम इन्सां टोहाना, चंन्द्रभान इन्सां, सच कहूँ संपादक डॉ पवन इन्सां, हरियाणा के सच्चे नम्र सेवादार रामपाल इन्सां, सुरेश इन्सां, वजीर इन्सां, अन्य राज्य सच्चे नम्र सेवादार सतीश खरड़वाल रामेश्वर इन्सां ने शिरकत की। नामचर्चा की शुरूआत ब्लॉक प्रेमी सेवक सतपाल इन्सां और साध-संगत द्वारा महाशहीदों के सम्मान में पवित्र नारा "धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा" लगाकर की गई। इसके बाद कविराज भाइयों ने ‘चल दिए ओढ़ निभा के सतगुरु के प्यारे’, ‘झूठा है ये देश तेरा नहीं बंदे प्यारे’ और ‘इस जगत सराय में ना दिल को लगाना’ सहित विभिन्न भजनों के माध्यम से नाम की महिमा का गुणगान किया। कार्यक्रम के अंत में पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के रिकॉर्डेड अनमोल वचन साध-संगत को सुनाए गए।
सतगुरु के चरणों में ओढ़ निभाकर जाना बहुत बड़ी बात
पुरूषोतम इन्सां टोहाना, डॉ पवन इन्सां, रामपाल इन्सां, ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा से नाम लेने वाले जीव की सतगुरु दोनों जहानों में संभाल करते हैं। उन्होंने कहा कि सेवा के दौरान सतगुरु के चरणों में ओढ़ निभाकर जाना बहुत बड़ी बात है। पूज्य गुरु जी ने इन्हीं सेवाभावी सेवादारों को महाशहीदों का दर्जा दिया है। उन्होंने कहा कि महाशहीदों के परिवार आज भी उसी तरह सेवा कार्यों से जुड़े हुए हैं, जैसे पहले जुड़े थे।
2001 में कोटड़ा जाते वक्त सड़क हादसे में चोला छोड़ गए थे सेवादार
बता दे कि, ब्लॉक धमतान साहिब के गांव सुझवान के सेवादार जोगिंद्र, महावीर, बलवंती और राजेंद्र तथा ब्लॉक धनौरी के सुरजा निवासी पिपलथा और सतपाल निवासी धनौरी 22 अक्टूबर 2001 को राजस्थान के कोटड़ा में सेवा के लिए जाते समय सड़क हादसे का शिकार हो गए थे। इस हादसे में सभी ने दम तोड़ दिया था। उनकी स्मृति में हर साल नामचर्चा का आयोजन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।