Hanumangarh Bar Association News: बार संघ में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार, एआई ई-लाइब्रेरी शुरू
सोलर पैनल से बिजली खर्च में मिलेगी राहत, फर्जी वकीलों पर लगेगी लगाम
हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। अधिवक्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने, बार संघ के खर्चांे में कमी लाने और कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने की दिशा में हनुमानगढ़ बार संघ में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं। बार रूम, पुस्तकालय और कैंटीन के लिए 10 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल लगवाया गया है, जिससे हर माह करीब 30 हजार रुपए आने वाले बिजली बिल के खर्च में राहत मिलेगी। इसके साथ ही बार रूम का नवीनीकरण करवाया जा रहा है तथा पुस्तकालय को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए वाई-फाई और एआई आधारित ई-लाइब्रेरी की सुविधा शुरू की गई है।

बार संघ अध्यक्ष रोहित सिंह खिच्ची के कार्यकाल के दस माह के दौरान किए गए इन कार्यों से अधिवक्ताओं को कानूनी शोध, दस्तावेज तैयार करने और दैनिक कार्यों में सुविधा मिलने की उम्मीद है। बार पुस्तकालय में वाई-फाई कनेक्शन के साथ आधुनिक तकनीक से युक्त नया कंप्यूटर सेट भी रखवाया गया है। ई-लाइब्रेरी में प्री-वी काउंसल से लेकर अब तक के सुप्रीम कोर्ट के फैसले उपलब्ध करवाए गए हैं। एआई तकनीक आधारित इस सुविधा के माध्यम से अधिवक्ता किसी विशेष कानूनी विषय या बिंदु से संबंधित फैसले खोज सकेंगे। संबंधित मामले के तथ्य दर्ज करने पर उस विषय से जुड़ी रूलिंग प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा जवाबदावा, याचिका और जमानत प्रार्थना पत्र तैयार करने में भी यह सुविधा उपयोगी होगी।

बिजली खर्च में कमी के साथ भुगतान व्यवस्था होगी पारदर्शी
बार रूम, पुस्तकालय और कैंटीन के लिए लगवाए गए 10 किलोवाट के सोलर पैनल से बार संघ को बिजली खर्च में राहत मिलेगी। पहले हर माह करीब 30 हजार रुपए का बिजली बिल आने से भुगतान में परेशानी होती थी। सौर ऊर्जा व्यवस्था से इस आर्थिक भार को कम करने का प्रयास किया गया है। वहीं, बार संघ की वित्तीय व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए एचडीएफसी बैंक में खाता खुलवाया गया है। इससे पहले बार संघ का कोई बैंक खाता नहीं था। अब वकालतनामे की टिकटों आदि की बिक्री से प्राप्त राशि स्कैनर के माध्यम से सीधे बैंक खाते में जमा होगी और आगे के भुगतान भी इसी खाते से किए जाएंगे। इससे आर्थिक लेन-देन में पारदर्शिता आएगी और गड़बड़ी की आशंका कम होगी।
स्कैनरयुक्त आईकार्ड से होगी पंजीकृत अधिवक्ताओं की पहचान
बार संघ में फर्जी वकीलों पर अंकुश लगाने और सुविधाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए स्कैनरयुक्त पहचान पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए आवेदन भरवाए गए हैं। बार में पंजीकृत और नियमित प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को ये आईकार्ड दिए जाएंगे। इससे बार संघ में पंजीकृत नहीं होने वाले व्यक्तियों की पहचान करने तथा अधिवक्ता के नाम का गलत इस्तेमाल कर सुविधाओं का अनुचित लाभ उठाने वालों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
50 चैंबर्स के निर्माण के लिए बजट का इंतजार
बार संघ अध्यक्ष रोहित खिच्ची ने बताया कि बार परिसर की पार्किंग में अधूरे पड़े फर्श के स्थान पर इंटरलॉकिंग करवाने की योजना भी बनाई गई है। इसके अलावा हाईकोर्ट से 50 चैंबर्स की स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन इनके निर्माण के लिए सरकार से बजट स्वीकृत होना बाकी है। बजट स्वीकृति के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बजट मिलते ही चैंबर्स का निर्माण शुरू करवाया जाएगा। बार संघ की ओर से अधिवक्ताओं के हितों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आगे भी आवश्यक विकास कार्य करवाने की योजना है।