शिक्षा और रोजगार
Teachers I-Card News: शिक्षा विभाग में भी वास्तविक पहचान और नामांकन के लिए ऑनलाइन व्यवस्था जरूरी
अन्य विभागों की तर्ज पर शिक्षा विभाग में भी ई-परिचय पत्र की दरकार
जयपुर (सच कहूँ न्यूज़)। राज्य के अन्य सभी सचिवालयों की आधिकारिक वेबसाइट पर अब शिक्षा विभाग में भी ई-परिचय पत्र (बोर्ड कार्ड) जारी करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। विभिन्न उद्यम कार्ड और सार्वजनिक स्थानों पर कर्मचारियों की आधिकारिक पहचान के लिए एक झलक माध्यम है, लेकिन शिक्षा विभाग में लंबे समय से इसके लिए कोई अद्यतन व्यवस्था लागू नहीं हो पाई है। 2018 के बाद से नया कार्ड नहीं बना, पहचान करने में दिक्कत आ रही है।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लाखों शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम हैं, लेकिन विभाग द्वारा अंतिम बार वर्ष 2018 में परिचय पत्र जारी किये गये थे। इसके बाद इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्लांट के इलेक्ट्रानिक, इलेक्ट्रानिक या न्यूक्लियर स्टोइनापन की स्थिति में पुराने कार्ड निष्प्रभावी हो जाते हैं। इसमें डिवाइनों की पहचान और सेवा संबंधी विवरण शामिल हैं, जिन्हें स्टॉक करने में स्टॉक का सामना करना पड़ रहा है।
शाला दर्पण पोर्टल से स्वतः जनरेट हो डिजिटल हस्ताक्षरित पासपोर्ट
इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए शाला मिरर पोर्टल पर एक नया मॉडल विकसित करने की अनुशंसा की गई है। इसके माध्यम से ऑनलाइन ई-परिचय पत्र स्वतः जनरेट किया जा सकता है। इस स्मार्ट कार्ड में शिक्षक का नाम, पद, स्टाफ का नाम, ब्लड ग्रुप, ग्रेडएपन स्थान और सुरक्षा के लिए क्यूआर कोड आदि शामिल हो सकते हैं। डिजिटल हस्ताक्षरित यह कार्ड कर्मचारी लॉगिन से आसानी से डाउनलोड और प्रिंट किया जा सकता है, जिससे पूरे प्रदेश में एक समान प्रारूप और पुष्टि होगी।
इनका कहना है:
"राजकीय हिमाचल प्रदेश में अस्थायी शैक्षणिक व्यवस्था के मुख्य स्तंभ हैं, इसलिए उनकी स्पष्ट व सटीक योजना अति-आवश्यक है। वर्ष 2018 व 2020 के बाद से नए प्रवेश पत्र जारी नहीं होने से तालिका और बाजारों के बाद पहचान करने में दिक्कत आ रही है। हमारी मांग है कि शाला दर्शन पोर्टल से दर्शन के अद्यतन डेटा के आधार पर ऑनलाइन, रिजॉल्यूशन डिजिटल हस्ताक्षर ई-परिचय पत्र जनरेट करने की सरल शुरुआत
- खेमराज मीनार (प्रदेश अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ (लेवल-प्रथम)