Rangoli Competition: रंगों से सजी कल्पनाओं की दुनिया, विद्यार्थियों ने रंगोली में दिखाई कलात्मक प्रतिभा

रंग बहार टीम ने मारी बाजी

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हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में रंगों और रचनात्मकता का अनूठा संगम देखने को मिला। विश्वविद्यालय के आर्टकला क्लब (वाणिज्य, कला एवं प्रबंधन) की ओर से प्रशासनिक भवन (रेड बिल्डिंग) में रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने आकर्षक रंगोलियां सजाकर अपनी कलात्मक प्रतिभा, कल्पनाशीलता और रचनात्मक सोच का प्रदर्शन किया।

इस मौके पर श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में रंगोली का विशेष महत्व है। यह हमारी परंपराओं, संस्कारों और रचनात्मक अभिव्यक्ति का प्रतीक है। शिक्षा के साथ विद्यार्थियों की कलात्मक एवं सांस्कृतिक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना भी जरूरी है। ऐसे आयोजन आत्मविश्वास, टीम भावना और नई सोच विकसित करने में सहायक होते हैं। विश्वविद्यालय के एमडी दिनेश कुमार जुनेजा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व का विकास करना भी है।

इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने और रचनात्मक क्षमता पहचानने का अवसर देती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। प्रतियोगिता में डॉ. प्रवीण शर्मा एवं डॉ. आकाश भारद्वाज ने निर्णायक की भूमिका निभाई। परिणामों में रंग बहार टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। टीम में अमरजीत, प्रिंस, काव्या, नरेश एवं विनोद शामिल रहे। रंगश्री टीम दूसरे स्थान पर रही, जबकि रंगोत्सव एवं रंगोली रतन टीम ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया। कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन समन्वयक डॉ. ममता जैन के मार्गदर्शन में किया गया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी कलात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।

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