जिसे मरा समझकर कर दिया अंतिम संस्कार, वह निकला जिंदा, पहुंचा थाने, पुलिस वालों के उड़े होश
हनुमानगढ़ में ट्रेन हादसे में अज्ञात शव की गलत पहचान का चौंकाने वाला मामला
हनुमानगढ़। हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे यार्ड में ट्रेन की चपेट में आए एक अज्ञात व्यक्ति के शव की गलत पहचान के कारण एक परिवार ने अपने ही जिंदा सदस्य को मृत समझकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। करीब दो सप्ताह बाद जब संबंधित व्यक्ति स्वयं परिजनों के साथ थाने पहुंचा तो पुलिस और परिवार के लोग भी हैरान रह गए। अब रेलवे पुलिस ने अज्ञात मृतक के वास्तविक वारिसों की तलाश शुरू कर दी है। Hanumangarh News
जीआरपी हनुमानगढ़ के अनुसार 6 अगस्त 2026 को जिला कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन के पास किलोमीटर संख्या 93/06 पर एक अज्ञात व्यक्ति ट्रेन की चपेट में आकर रन ओवर हो गया है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। रेलवे लाइनों के बीच करीब 50 वर्षीय व्यक्ति का शव पड़ा मिला। मृतक ने सफेद कुर्ता-पायजामा पहन रखा था। शरीर पर कई जगह रगड़ के निशान थे तथा सिर पर गंभीर चोटें थीं।
पुलिस ने शव को राजकीय चिकित्सालय हनुमानगढ़ टाउन की मोर्चरी में रखवाकर मृतक की पहचान के प्रयास शुरू किए। मृतक की तस्वीर सोशल मीडिया और विभिन्न वाट्सऐप ग्रुपों में प्रसारित की गई। तस्वीर देखकर रामलाल भोपा, उनके भतीजे सुरेंद्र, साले कालूराम और अन्य परिजन अस्पताल पहुंचे। सभी ने शव को देखकर रणवीर भोपा के रूप में उसकी पहचान कर ली।
रामलाल ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा रणवीर भोपा उम्र करीब 50 वर्ष मांगकर खाने का काम करता था और नशे का आदी था। वह कई-कई दिनों तक घर से बाहर रहता था। परिजनों ने शव की पहचान रणवीर के रूप में करते हुए उसकी मौत में किसी तरह का संदेह नहीं जताया। इसके बाद पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई कर 7 अगस्त को पोस्टमार्टम करवाया और शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया। परिजनों ने 7 अगस्त को अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद 9 अगस्त को अस्थियां हरिद्वार में विसर्जित की गईं और 13 अगस्त को बारहवीं की रस्म भी पूरी कर दी गई। परिवार अपने सामान्य कामकाज में लग गया। Hanumangarh News
19 अगस्त को सामने आया बड़ा खुलासा
मामले में उस समय नया मोड़ आया, जब 19 अगस्त को रणवीर हनुमानगढ़ टाउन में रेलवे ओवरब्रिज के नीचे आराम कर रहा था। वहां किसी व्यक्ति ने उसे बताया कि उसके घरवालों ने उसे मृत समझकर अंतिम संस्कार कर दिया है। यह सुनकर रणवीर उसी दिन शाम अपने घर पहुंचा और परिजनों को बताया कि वह जिंदा है।
रणवीर ने पुलिस को बताया कि वह करीब 7-8 महीने से घर नहीं गया था। वह मांगकर खाता है और जहां जगह मिलती है, वहीं सो जाता है। इसके चलते परिजनों ने ट्रेन हादसे में मिले अज्ञात शव को उसके हुलिए से मिलते-जुलते होने के कारण रणवीर समझ लिया। 20 अगस्त को रणवीर अपने परिजनों के साथ जीआरपी थाने पहुंचा। इसके बाद उसे उपखंड अधिकारी (एसडीएम) के समक्ष पेश किया गया। एसडीएम के निर्देश पर परिजनों, पड़ोसियों और अन्य संबंधित लोगों के बयान लिए गए तथा पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में रणवीर भोपा के जीवित होने की पुष्टि हुई।
पुलिस जांच में सामने आया कि ट्रेन हादसे में मृत अज्ञात व्यक्ति का कद-काठी, हुलिया, पहनावा और शक्ल-सूरत काफी हद तक रणवीर से मिलती थी। रणवीर के लंबे समय तक घर से बाहर रहने के कारण परिजनों को उसके जीवित होने की जानकारी भी नहीं थी। इसी वजह से अज्ञात शव की गलत पहचान हो गई और परिवार ने उसका अंतिम संस्कार रणवीर समझकर कर दिया। Hanumangarh News
अब असली मृतक के वारिसों की तलाश
जीआरपी ने मामले को गलत सूचना, गलत पहचान और तथ्यात्मक त्रुटि के कारण दर्ज होना पाया है। अब एसडीएम के निर्देश पर 6 अगस्त को रेलवे यार्ड में ट्रेन हादसे में मृत अज्ञात व्यक्ति के वास्तविक वारिसों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने अज्ञात मृतक के हुलिए और पहचान संबंधी विवरण के आधार पर उसके परिजनों की तलाश के लिए समाचार पत्रों में सूचना प्रकाशित करवाने की कार्रवाई शुरू की है। जीआरपी हनुमानगढ़ में मर्ग के तहत मामले की जांच जारी है।
आगामी अनुसंधान उप निरीक्षक कल्याणमल द्वारा किया जा रहा है। अज्ञात मृतक का हुलिया: उम्र करीब 45-50 वर्ष, शरीर हृष्ट-पुष्ट, सिर के बाल काले-सफेद, सफेद कुर्ता-पायजामा पहने हुए। शरीर पर कई जगह रगड़ के निशान तथा सिर पर गंभीर चोटों के निशान थे। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि उक्त हुलिए के आधार पर किसी व्यक्ति की पहचान या उसके परिजनों के संबंध में जानकारी हो तो जीआरपी हनुमानगढ़ को सूचित करें। Hanumangarh News