Farmers Protests: बैरिकेड्स टूटे, ट्रैक्टर गरजे, अनुदान के इंतजार में किसानों का गुस्सा सड़क पर
अटल भूजल योजना की डिग्गियों की अनुदान राशि दो साल से अटकी, कर्ज और ब्याज से परेशान किसानों ने निकाला ट्रैक्टर मार्च
हनुमानगढ़। अटल भूजल योजना के तहत निर्मित डिग्गियों की अनुदान राशि का भुगतान नहीं होने से आक्रोशित किसानों के सब्र का बांध बुधवार को टूट गया। पूर्व घोषणा के अनुसार किसानों ने टाउन धानमंडी से ट्रैक्टर मार्च शुरू किया। किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने धानमंडी के चारों तरफ बैरिकेडिंग कर रास्ते बंद किए, लेकिन किसान नहीं रुके और बैरिकेड्स तोड़ते हुए ट्रैक्टरों के साथ आगे बढ़ गए। इससे मौके पर कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया। Farmers Protests
पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस उप अधीक्षक मीनाक्षी सहारण और टाउन थाना प्रभारी लखवीर सिंह गिल के नेतृत्व में विभिन्न थानों तथा रिजर्व पुलिस लाइन से पुलिस जाप्ता तैनात रहा। चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण प्रशासन ने ट्रैक्टर मार्च की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन किसानों का कहना था कि दो साल से अनुदान राशि नहीं मिलने के कारण वे आर्थिक संकट में हैं और यह प्रदर्शन उनकी मजबूरी है।
किसानों के अनुसार उन्होंने अटल भूजल योजना के तहत डिग्गियों का निर्माण करवाने के लिए अपनी पूंजी लगाने के साथ-साथ कर्ज भी लिया। कई किसानों ने अपनी जमीन और गहने गिरवी रखकर अथवा उधार लेकर डिग्गियां बनवाईं। किसानों का आरोप है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद करीब दो साल से अनुदान राशि का भुगतान नहीं हुआ है। इस कारण कर्ज पर ब्याज बढ़ता जा रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है। भारतीय किसान यूनियन के संभाग सचिव रायसाहब चाहर और बलविंद्र सिंह ने कहा कि डिग्गियों के निर्माण के लिए किसानों ने अपनी पकी हुई फसल तक उखाड़ दी थी। अनुदान राशि के लिए किसान कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने के साथ धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। Farmers Protests
प्रभारी मंत्री और किसान आयोग के अध्यक्ष से भी मुलाकात की गई, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अनुदान राशि नहीं मिलने से किसानों पर ब्याज का बोझ बढ़ता जा रहा है। जिन किसानों ने कर्ज लेकर डिग्गियां बनवाईं, उनके लिए अब मूलधन के साथ ब्याज चुकाना भी मुश्किल हो रहा है। किसानों का कहना था कि सरकार की योजना उनके लिए राहत की बजाय आर्थिक बोझ बन गई है।
धानमंडी से शुरू हुआ ट्रैक्टर मार्च टाउन के विभिन्न मार्गों से होते हुए जंक्शन शहर की ओर पहुंचा और विभिन्न मार्गों से गुजरने के बाद टाउन स्थित भारत माता चौक पर पहुंचकर सम्पन्न हुआ। बड़ी संख्या में पीड़ित किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ मार्च में शामिल हुए। किसानों ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की, लेकिन वे अपनी मांग को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने सरकार से लंबित अनुदान राशि तत्काल किसानों के खातों में जमा करवाने की मांग की। किसान नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अनुदान राशि का शीघ्र भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने आगामी निकाय चुनाव में भाजपा का विरोध करने की भी बात कही और कहा कि किसानों की अनुदान राशि खातों में आने तक विरोध जारी रहेगा। Farmers Protests

