India-China Direct flights Resume: भारत-चीन सीधी उड़ानें 5 साल बाद फिर शुरू, इंडिगो का विमान कोलकाता से भरेगा उड़ान

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India-China Direct flights Resume: नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच हवाई संपर्क लगभग पाँच वर्ष के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर से बहाल हो गया है। यह पहल दोनों देशों के बीच ठंडे पड़े संबंधों में नई गर्माहट लाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है। इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (इंडिगो) ने हाल ही में कोलकाता से चीन के ग्वांगझोउ शहर के लिए नॉन-स्टॉप दैनिक उड़ानें शुरू कर दी हैं। इंडिगो का एयरबस A320 विमान इस मार्ग पर सेवाएँ दे रहा है। यह उड़ान पश्चिम बंगाल की राजधानी को उस दक्षिण चीनी शहर से जोड़ती है, जो औद्योगिक उत्पादन और वैश्विक व्यापार के प्रमुख केंद्रों में से एक है। Indigo News

उड़ानें पाँच साल बाद क्यों शुरू हुईं?

भारत और चीन के बीच सीधी यात्री उड़ानें वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के साथ-साथ डोकलाम विवाद के बाद स्थगित कर दी गई थीं। इन वर्षों में यात्रियों को सिंगापुर, बैंकॉक या हांगकांग जैसे ट्रांजिट हब के माध्यम से यात्रा करनी पड़ती थी। अब स्थिति सामान्य होने और दोनों देशों के बीच संवाद फिर से स्थापित होने के प्रयासों के तहत यह सेवा पुनः आरंभ की गई है।

नई उड़ान योजनाएँ | Indigo News

इंडिगो ने घोषणा की है कि वह 10 नवंबर से दिल्ली–ग्वांगझोउ के बीच भी सीधी उड़ान शुरू करेगी। इसी प्रकार, चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस भी 9 नवंबर से शंघाई–दिल्ली मार्ग पर अपनी उड़ानें पुनः प्रारंभ करेगी। दोनों देशों के बीच पहले एयर इंडिया, इंडिगो, एयर चाइना और चाइना सदर्न जैसी प्रमुख एयरलाइंस उड़ानें संचालित करती थीं।

उड़ान का समय

कोलकाता से ग्वांगझोउ: उड़ान संख्या 6E 1703 रात 10:00 बजे रवाना होकर सुबह 4:05 बजे पहुँचती है।

ग्वांगझोउ से कोलकाता: उड़ान संख्या 6E 1704 सुबह 5:35 बजे उड़ान भरकर सुबह 7:50 बजे लैंड करती है।

इंडिगो का बयान

इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर एल्बर्स ने कहा, “भारत और चीन के बीच सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में से एक को फिर से जोड़कर हम बेहद प्रसन्न हैं। यह उड़ानें व्यापार, शिक्षा, पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेंगी।”

यह नया हवाई मार्ग न केवल दोनों देशों के व्यावसायिक संबंधों को सुदृढ़ करेगा, बल्कि छोटे एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को भी सहयोग प्रदान करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे आयात-निर्यात कारोबार को गति मिलेगी और यात्रियों की आवाजाही भी सरल हो जाएगी। Indigo News

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