यूपी पंचायत चुनाव : भाजपा पर भारी पड़ गई अखिलेश और शिवपाल की जोड़ी

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Akhilesh Yadav, Shivpal Yadav

इटावा में 24 में से 18 जिला पंचायत सदस्यों की सीटों में जीते चाचा-भतीजा

  • आगामी विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ कठिन चुनौती के संकेत

इटावा (एजेंसी)। राजनीतिक दल दावे भले ही कुछ भी करें लेकिन जीत और हार का फैसला जनता के हाथ में होता है। उत्तर प्रदेश के इटावा में चाचा-भतीजा की जोड़ी ने योगी आदित्यनाथ सरकार को तगड़ा झटका देकर ये साबित कर दिया है। दरअसल अखिलेश यादव और शिवपाल यादव ने पंचायत चुनाव में हाथ मिला लिया था। इन दोनों के हाथ मिलाने का करिश्माई असर देखने को मिला। इसकी बदौलत सपा और प्रसपा ने मिलकर 24 में से 18 जिला पंचायत सदस्यों की सीटों पर जीत का परचम लहराया है।

अखिलेश के चचेरे भाई अभिषेक यादव ने सैफई से बड़ी जीत दर्ज कर साफ कर दिया कि अब जिला परिषद अध्यक्ष बनना तय है। इसके साथ ही मुलायम सिंह यादव के पैतृक गांव सैफई में दलित प्रधाना बनना तय हो गया है, मुलायम के करीबी रामफल वाल्मिकी ने यहां से जीत दर्ज की है। इटावा की जीत के बाद आगामी विधानसभा चुनाव में भी शिवपाल और अखिलेश चाचा भतीजा साथ आ सकते हैं, क्योंकि ये प्रयोग सफल हो चुका है। दूसरी ओर पंचायत चुनावों ने यूपी की भाजपा सरकार को साफ संकेत दे दिया है कि अब आने वाले विधानसभा चुनाव में उसकी राह आसान नहीं होगी। वहीं देर शाम उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग ने राज्य के सभी जिलों में 1,12,358 ग्राम पंचायत सदस्यों, 35,812 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 16,510 ग्राम प्रधान पंचायत सदस्योें के निर्वाचन का ऐलान कर दिया।

 

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