अवैध कालोनियों पर चला पीला पंजा

Kurukshetra

सच कहूँ/देवीलाल बारना
कुरुक्षेत्र। जिला नगर योजनाकार की टीम ने राजस्व संपदा गांव दर्रा कलां, एनआईटी गेट के सामने, किरमच रोड जिला कुरुक्षेत्र में विकसित हो रही अवैध कॉलोनी में जिला प्रशासन की मदद से तोड़-फोड़कर कार्रवाई अमल में लाई गई। जिला नगर योजनाकार अधिकारी रोहित चौहान ने जारी एक प्रेस विज्ञिप्त में कहा कि जिला में विकसित हो रही अवैध कॉलोनी में प्रशासन के सहयोग से तोड़फोड़ की कार्रवाई अमल में लाई गई है।

डीटीपी रोहित चौहान ने कहा कि उपायुक्त शांतनु शर्मा के आदेशानुसार कृषि विभाग के नगर परिषद थानेसर के एक्यूजिटिव इंजीनियर सुरेंद्र कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। डयूटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ डीटीपी की टीम राजस्व संपदा गांव दर्रा कलां, एनआईटी गेट के सामने, किरमच रोड में एक एकड़ में पनप रही अवैध कॉलोनी में बनी 3 मिट्टी की सड़कों, 2 डीपीसी को पीले पंजे से हटाया गया।

उन्होंने कहा कि डीटीपी विभाग के पास गांव दर्रा कलां, एनआईटी गेट के सामने, किरमच रोड में अवैध कॉलोनियों के पनपने का मामला आया था, जिसके उपरांत विभाग द्वारा भूस्वामी और प्रॉपर्टी डीलरों को एचडीआर एक्ट 1975 की धाराओं के तहत नोटिस जारी कर जरुरी अनुमति लेने के आदेश दिए गए थे। परंतु भूस्वामी और प्रॉपर्टी डीलरों ना तो अवैध कॉलोनियों में किए जा रहें निर्माण को रोका और ना ही विभाग से अनुमति प्राप्त की। इस पर कार्रवाई करते हुए विभाग द्वारा इन अवैध कॉलोनियों में निर्माण को नष्ट करने का काम किया गया है।

जिला नगर योजनाकार अधिकारी रोहित चौहान ने कहा कि सरकार के आदेशानुसार रेडीमिक्स कांक्रिट और होट मिक्स प्लांट को अस्थाई रुप से लगाने के लिए भूमि पर परिवर्तन के नियमों की पालना करते हुए अनुमति लेनी जरुरी होगी। हरियाणा सरकार के आदेशानुसार रेडीमिक्स कांक्रिट और होटमिक्स प्लांट को लेकर चेंज आॅफ लैंड की निर्धारित पैरामीटर के अनुसार परमिशन लेनी होगी। इसमें लांग टर्म के लिए कृषि और औद्योगिक जोन में परमिशन दी जा सकती है। इसमें मालिक से कम से कम 99 साल की लीज होनी जरुरी है।

इसके अलावा शॉर्ट टर्म के लिए लगाए जाने वाले प्लांट रिहायशी क्षेत्रों को छोड़कर अन-अर्बनालाईजेशन जोन में कम से कम 500 मीटर आबादी वाले क्षेत्र से दूर प्लांट को लगाया जा सकता है। इसके लिए संबंधित अधिकारी से अनुमति लेनी जरुरी होगी। इसके लिए एचएसपीसीबी व एसएसआई से एनओसी, फायर विभाग से एनओसी व अन्य औपचारिकताओं को पूरा करना होगा।

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