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Friday, February 27, 2026
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    हालात-ए-गांव : विकास में पिछड़ा घरौंडा का गांव कलहेड़ी

    Village-Kalhedi

    जगह-जगह फैली गंदगी, ठप निकासी, टूटी सड़कें व बदहाल जोहड़ बड़ी समस्या

    सच कहूँ/गुरदीप रंगा घरौंडा। सरकार, प्रशासन व पंचायत की अनदेखी के कारण हल्के के गांव कलहेड़ी की हालत दयनीय है। गांव में जगह-जगह फैली गंदगी, ठप निकासी, टूटी सड़कें व बदहाल जोहड़ सबसे बड़ी समस्या है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में विकास कार्य सिर्फ कागजों तक सीमित है लेकिन धरातल पर कार्य शून्य है। वास्तविकता में विकास कार्यांे की ओर ध्यान ही नहीं है। जितना अनुदान केंद्र व राज्य सरकार की ओर से आया है उसका दुरुपयोग ही सामने आया है। गांव में जो विकास कार्य होने हैं उनमें से अधिकतर विकास कार्य अभी तक नहीं हुए। कुछ विकास कार्य जो जारी हैं वह भी अधूरे पड़े हुए हैं। गांव में विकास कार्य न होने पर ग्रामीणों में पंचायत के खिलाफ रोष फैला हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में विकास के दांवे करने वाली भाजपा-सरकार झूठी साबित हुई है।

    जोहड़ के चारों तक नहीं बना सुरक्षित वॉल

    ग्रामीण संदीप कुमार का कहना है कि गांव में युवाओं के लिए खेल स्टेडियम होना चाहिए। जिसकी मांग युवा सालों से करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांव से बरसत की ओर जाने वाले रास्ते पर जोहड़ बना हुआ है जो लगभग 20 फुट गहरा है। इसके चारों ओर सुरक्षित वाल नहीं बनाई गई। इसके किनारे पर सड़क टूटी हुई है जो हादसों को न्योता दे रही है। साथ में दूसरी ओर मंदिर के साथ दीवार के नीचे खाई बनी हुई है जिसकी ओर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया है। बल्कि सरपंच की ओर से दिखाया गया विकास कार्य में नाला बनाया गया है। वह भी नहीं बना। गांव के बीच में जलघर का कार्य शुरू किया गया है जो अभी अधूरा पड़ा हुआ है।
    फोटो: संदीप

    नालियों में भरी गंदगी, स्वच्छता के नाम पर ठेंगा

    गांव में स्वच्छता के नाम पर भी कोई कार्य नहीं हुआ है। गांव में चारों ओर तथा मध्य में गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। गांव में सफाई के ओर विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा। नालियां भी गंदगी से भरी हुई है। नालियों के जाल भी टूटे व उखडेÞ हुए हैं। जिससे आने जाने वालों को कठिनाई होती है। गांव के अंदर नालियों में इतनी गंदगी भरी है कि मक्खी-मच्छर पैदा होने महामारी फैलने का खतरा बना रहता है। वहीं गांव में चारों ओर जोहड़ सिस्टम के तहत 5 पौंड बनने थे वह भी नहीं बने हैं। गांव में जो वाल्मीकि चौपाल और जो जलघर पहले से बना हुआ है वहां भी स्वच्छता के नाम पर ठेंगा दिखाया जा रहा है। वाल्मीकि चौपाल की हालात बहुत दयनीय होने के कारण वाल्मीकि समाज के लोगों में रोष है।

    जितनी ग्रांट आई थी विकास कार्यों में लगा दी गई: बिजेन्द्र

    सरपंच प्रतिनिधी बिजेन्द्र का कहना है कि गांव में जितनी भी ग्रांट आई है। उसको गांव के विकास कार्यों में लगा दिया गया है। बहुत से विकास कार्य करवाये गए हैं। अगर कोई कार्य इस कार्यकाल में नहीं हो पाएगा तो अगले कार्यकाल में कर देंगे। बिजेन्द्र का कहना है कि गांव में सभी विकास कार्य सुचारू रूप से चले हुए हैं। सभी कार्य जनहित में किए गए हैं।

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