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Wednesday, April 22, 2026
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    Home राज्य हरियाणा धान खरीद न हो...

    धान खरीद न होने पर फूटा गुस्सा, किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रालियों संग लघु सचिवालय में डाला डेरा

    Anger erupted over non-procurement of paddy sachkahoon

    सरकार पर वायदा खिलाफी का लगाया आरोप

    • बोले : मंडियों में गेट पास जारी होने के बाद भी नहीं खरीदा जा रहा धान

    सच कहूँ/नवीन मलिक, रोहतक। मंडियों में धान की खरीद नहीं होने से किसानों में सरकार के प्रति भारी आक्रोश है। मंगलवार को जिले के काफी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्राली में धान लेकर लघु सचिवालय पहुंचे और धरना शुरू कर दिया, जिससे पूरे शहर में जाम की स्थिति पैदा हो गई। किसानों के लघु सचिवालय पहुंचने की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने और उनका कहना है कि जब तक मंडियों में धान खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो जाती है, उनका धरना जारी रहेगा।

    Anger erupted over non-procurement of paddy sachkahoon

    मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष प्रीत सिंह के नेतृत्व में कई जिलों के किसान धान से भरी ट्रैक्टर ट्राली लेकर अनाज मंडी से लघु सचिवालय पहुंचे और सड़क जाम कर धरने पर बैठ गए। प्रीत सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। मंडियों में धान की फसल नहीं खरीदी जा रही है, जिसके चलते किसान काफी परेशान है। सरकार ने धान की फसल का दाना-दाना खरीदने का वायदा किया था, लेकिन किसान कई दिनों से अपनी फसल को बेचने के लिए मंडियों के लगातार चक्कर काट रहा है। आज सबसे बुरी हालत देश में अन्नदाता की बनी हुई है और सरकार केवल झूठ बोलने पर लगी है, जबकि धरातल पर किसान को कोई फायदा नहीं हो रहा है। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ एक साल से किसान सड़कों पर आंदोलन करने पर मजबूर है, वहीं डीएपी खाद की जमकर कालाबाजारी हो रही है और पुलिस के पहरे में लम्बी-लम्बी लाइने लगाकर किसानों को खाद महंगे दामों पर बेची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया सरकार किसानों को परेशान कर फसलों को औने पौने दामों पर बेचने को मजबूर कर रही है, जिसे किसान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।

    पाँच घंटे बाद खोला जाम

    करीब पांच घंटे तक किसान लघु सचिवालय के बाहर डटे रहे। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के धान खरीद के आश्वासन के बाद किसान जाम खोलने पर राजी हुए। किसानों के जाम खोलने के बाद प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।

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