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    उफ…अंबाला में छतों को छू रही बरसाती आफत, न जानें कब मिलेगी राहत!

    Heavy Rain
    Heavy Rain: अंबाला में बचाव कार्य में जुटी सेना व कुरुक्षेत्र में टूटी नरवाना ब्रांच नहर।

    गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कश्ती में सवार होकर जाना हाल

    • कुरुक्षेत्र में टूटी नरवाना ब्रांच नहर, बचाव कार्य जारी | Heavy Rain

    अंबाला/कुरुक्षेत्र (सच कहूँ/देवीलाल बारना)। Heavy Rain : हरियाणा में अबकी बार बरसात राहत कम और आफत अधिक लेकर आई है। प्रदेश के जिला पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र में हालात बेहद खराब हैं। अंबाला में मंगलवार को जहां बरसाती पानी लोगों की छतों तक भी पहुंच गया। वहीं कुरुक्षेत्र में भाखड़ा नरवाना ब्रांच के टूट जाने से हजारों एकड़ फसल जहां डूब गई और कई गांवों में पानी घुस गया। कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी भी उफान पर है। जिसके चलते कई गांव जलमग्न हो गए हैं। हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने अपने गृह क्षेत्र अंबाला में किश्ती में बैठकर गलियों में लोगों का हाल-चाल जाना। वहीं अंबाला में बरसात पानी में फंसे लोगों को आर्मी द्वारा रेस्क्यू किया जा रहा है। अंबाला में टांगरी नदी के आस पास के क्षेत्र में काफी लोग फंसे हैं, जिन्हें सेना द्वारा निकाला जा रहा है।

    बाढ़ के हालात, बस घोषणा बाकी | Heavy Rain

    अंबाला जिले में 3 दिन लगातार हुई बारिश से हाल-बेहाल है। अब खुद गृहमंत्री अनिल विज फील्ड में उतर गए हैं और किश्ती में बैठकर इलाके का निरीक्षण किया। प्रशासन द्वारा भले ही बाढ़ घोषित न की गई हो, लेकिन जिले में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। घग्गर नदी का पानी घुसने से अंबाला सिटी जलमग्न है। अंबाला कैंट में टांगरी नदी में ज्यादा पानी छोड़े जाने से पानी लोगों की छतों तक पहुंच चुका है। बाढ़ में फंसे लोगों को रेस्क्यू किया जा रहा है। मुलाना और नारायणगढ़ एरिया में पहाड़ों से बरसाती पानी आने के कारण मारकंडा नदी उफान पर है, जिसने बराड़ा, नारायणगढ़, मुलाना और शहजादपुर को अपनी चपेट में लिया हुआ है।

    अंबाला में 601 एमएम बारिश दर्ज

    अंबाला जिले में बारिश के पानी ने काफी तबाही मचाई है। पिछले 3 दिनों में रिकॉर्ड 601 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विभाग ने 12 जुलाई तक बारिश होने की संभावना जताई है। घग्गर, टांगरी और मारकंडा नदी के उफान पर आने से आसपास के गांवों में बाढ़ आ गई है। अंबाला सिटी और कैंट के अलावा ग्रामीण एरिया भी बाढ़ की चपेट में हैं। जिलेभर में स्थिति आउट आॅफ कंट्रोल होने के बाद आर्मी, एनडीआरएफ और एचडीआरएफ के साथ जिला आपदा प्रबंधन की टीम ने मोर्चा संभाले हुए हैं। अंबाला जिले में 19 नावों की व्यवस्था की गई है। चारों विभागों की टीमें बाढ़ में फंसे लोगों को रेस्क्यू कर रही हैं। लोग खुद भी सुरक्षित जगहों पर जा रहे हैं।

    नदियों से मार्ग भी प्रभावित | Heavy Rain

    घग्गर नदी के उफान पर बहने के बाद अंबाला को पंजाब से जोड़ने वाला जालंधर हाईवे पानी में डूबा हुआ था, लेकिन अभी भी राजस्थान (हिसार) को अंबाला से जोड़ने वाला हाईवे-152, दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे कई-कई फीट तक जलभराव है, जिसकी वजह से इन हाईवे को बंद करना पड़ा था। उधर, मारकंडा नदी के उफान पर बहने से हिमाचल और पंजाब को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से जोड़ने वाला पंचकूला-यमुनानगर नेशनल हाईवे बंद है। सोमवार को हाईवे क्रॉस करते हुए पानी के तेज बहाव में बस पलट गई थी, जिसमें से 27 यात्रियों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला था।

    नरवाना ब्रांच के टूटने हा-हाकार

    कुरुक्षेत्र जिले में गांव ठोल के नजदीक नरवाना ब्रांच नहर के टूट जाने से हजारों एकड़ धान की फसल इस पानी में डूब गई। इतना ही नही पानी ने कई गांवों को भी अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे आमजन परेशान हैं। वहीं मारकंडा नदी भी उफान पर है, जिसने कई गांवों को अपनी चपेट में ले रखा है। इससे दर्जनों गांवों में पानी भरा हुआ है।

    पुलिस ने जारी की एडवाईजरी | Anil Vij

    पुलिस ने एडवाईजरी जारी कर कहा है कि भारी वाहन चंडीगढ-अंबाला हाईवे को खोल दिया गया है। छोटे वाहन के लिए अंबाला, बलदेव नगर पंजोखरा साहिब अंडरपास से बरवाला-पंचकूला रास्ता खोल दिया गया है। पंजाब अंबाला दिल्ली जाने वाले वाहनों के लिए एनएच 44 को खोल दिया गया है। पंचकूला साहा शाहाबाद पर पानी अभी भरा हुआ है। वहीं पानी भरा होने के कारण अंबाला, कैथल, हिसार मार्ग को बंद रखा गया है।

    सरसा में ओटू हेड के सभी गेट खोले

    हिमाचल, पंजाब और हरियाणा में भारी बारिश के कारण तीनों राज्यों से गुजरने वाली घग्गर नदी उफान पर है। घग्गर नदी हरियाणा के सरसा जिले में ओटू हेड से होते हुए राजस्थान में प्रवेश करती है। सरसा जिला प्रशासन ने नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मंगलवार को ओटू हेड से सारा पानी राजस्थान की ओर निकाल दिया। ओटू हेड के सारे गेट खोल दिए गए। घग्गर नदी का जलस्तर मंगलवार दोपहर 12 बजे बढ़कर 60373 क्यूसेक तक पहुंच गया। बीते 12 घंटे में ही ओटू हेड पर घग्गर में 12 हजार क्यूसेक पानी बढ़ गया। मंगलवार दोपहर तक घग्गर नदी के अंदर गुहला चीका में 60373, खनौरी में 12900 और चांदपुरा हैड पर 7474 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया।

    यमुना के पानी से तीन जिलों में परेशानी | Heavy Rain

    यमुना का पानी यमुनानगर के अलावा करनाल और पानीपत के गाँवों में पहुंच गया। पानीपत में पानी की वजह से गौशाला डूब गई। इस दौरान कुछ गायों की मौत भी हो गई। जल्द ही पानी सोनीपत और फिर दिल्ली पहुंचेगा।

    अंबाला में 15 जुलाई तक स्कूलों में छुट्टियां

    लगातार बारिश के चलते हरियाणा की जीटी रोड बेल्ट सर्वाधिक प्रभावित हुई। यहां करीब 9 जिलों के 600 गांव पानी से प्रभावित हैं। सबसे बुरी हालत अंबाला की है, जहां अभी भी 40% हिस्से में पानी भरा हुआ है। इसे देखते हुए अंबाला में स्कूलों की छुट्टियां 15 जुलाई तक बढ़ा दी गई हैं। Heavy Rain

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