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    Sirsa:सरसा के इस छोटे से गांव की बहू का जज्बा महिलाओं के लिए रोल मॉडल बन गया

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    Sirsa:सरसा के इस छोटे से गांव की बहू का जज्बा महिलाओं के लिए रोल मॉडल बन गया

    7 समूहों के जरिए गांव की 71 महिलाओं को मिला स्व रोजगार

    Flight of Spirits: खारियां / सरसा (सच कहूँ/सुनील कुमार)। मन में कुछ कर गुजरने का जजबा हो तो एक छोटी सी पहल से ही बड़े से बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते है। लेकिन इसके लिए धैर्य व संयम रखना जरूरी होता है। एक मध्यम परिवार की बहू जिसने कभी गांव की गलियां तक नहीं देखी थी आज वो समाजहित कार्यों में हरियाणा प्रदेश का नेतृत्व देश की राजधानी तक कर चुकी है। वो कई बार अलग अलग विभागों से गांव, खंड व देश की राजधानी दिल्ली में सम्मानित हुई। Sirsa News

    हम बात कर रहे हैं रानियां खंड के गांव चक्कां से ग्रामसखी व जलसखी ममता पत्नी राधेश्याम छापौला की। जिसने गांव में महिला स्वयं सहायता समुह के तहत गांव स्तर पर सामाजिक कार्यों में अग्रणी भुमिका निभाते हुए करीब 70 परिवारों को हरियाणा ग्रामीण आजिविका मिशन के तहत स्व रोजगार दिलवाने में मद्दगार साबित हुई और खुद की एक अनुठी पहचान बनाई। ममता आज गांव में 7 महिला स्वयं सहायता समुहों का संचालन कर रही है। जिसमें गांव की ही 71 महिलाएं सामाजिक कार्यों सहित अपना अपना स्व रोजगार चला रही है।

    जो महिलाएं कभी घरेलु कार्य तक ही सीमित थी आज वो ग्राम सखी ममता के नेतृत्व में 10 से 15 हजार रूपए प्रति महीना कमा रही है। ममता के कुशल नेतृत्व को देखते हुए विभाग ने समूह को मिट्टी जांच मशीन व कृषि यंत्र अनुुदान राशि पर दिए हैं। ममता रानियां खंड में खुद को अबला करने वाली महिलाओं के लिए रोल मॉडल बन गई है और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग व नई पहचान बना रही है।

    ममता के नेतृत्व में गांव में 7 समूह कर रहे हैं सामाजिक कार्य | Sirsa News

    वर्तमान समय में ममता 7 महिला स्वयं सहायता समूहों को संचालित कर रही है। जिनमें कुल 71 महिलाएं सहयोग कर रही है। इन सभी समूहों की संभाल व देखरेख के लिए विभाग द्वारा उसे ग्राम सखी का पद सौंपा है। सर्व प्रथम 26 अगस्त 2019 को श्री कृष्णा महिला स्वयं सहायता समूह, ज्योति महिला स्वयं सहायता समूह, शिव शक्ति महिला स्वयं सहायता समूह, बेटी बचाओ महिला स्वयं सहायता समूह और बालाजी महिला स्वयं सहायता समुहों की शुरूआत की गई।

    क्या क्या कार्य कर चुके हैं समूह

    ग्राम सखी ममता ने इन समूह की महिलाओं को साथ लेकर पौधारोपण, जरूरतमंदों को कपड़े देने के साथ साथ जल सरंक्षण के तहत करीब 30 जागरूकता कैंप तथा अन्य विशेष अवसरों पर सैंकड़ों ग्रामीणों का जागरूक कर चुकी हैं। ग्राम सखी ममता के नेतृत्व में महिलाओं ने समूह के रूरल फंड में प्रति महिना 10, 20 व 30 रुपए जमा की गई राशि करीब 1 लाख तक पहुच गई। जिसके पश्चात समूहों में महिलाओं की भागीदारी व कार्यशैली को देखते हुए विभाग की ओर से सी.सी.एल के प्रथम बार डेढ लाख, दूसरी बार 3 लाख और तीसरी बार में 6 लाख रुपयों की अनुदान राशि दी गई ताकि महिलाएं अपना रोजगार चला सके। गांव के सामाजिक कार्यों में समूहों की भागीदारी को देखते हुए विभाग ने 21 मार्च 2023 को सभी समूहों का एक ग्राम संगठन बना दिया। जिसका नेतृत्व ग्राम सखी ममता कर रही है।

    समूहों के बेहतर संचालन को देख विभाग ने दिए दो बड़े प्रोजेक्ट

    हरियाणा आजिविका मिशन की ओर से संचालित महिला स्वयं सहायता समूहों के बेहतर संचालन व कार्य करने पर आईसीआईसीआई फाउंडेशन द्वारा शिव शक्ति महिला स्वयं सहायता समूह को करीब 4 लाख रुपए की कृषि यंत्र मात्र 37 हजार रुपए दिए गए जो जरूरतमंद किसानों को सस्ते किराए पर खेती कार्यों के लिए दिए जाते हैं। इसके साथ फाउंडेशन द्वारा श्री कृष्णा महिला स्वयं सहायता समूह को करीब सवा 2 लाख की मिट्टी जांच मशीन मात्र 15 हजार रुपए में दी गई। जिसकों गांव में ही मिट्टी परीक्षण लैब बनाकर 12 अप्रैल 2025 को मशीन का शुभारंभ किया गया।

    इन जगहों पर हो चुकी हैं सम्मानित

    ग्रामसखी ममता को गांव में जल संरक्षण, पर्यावरण स्वच्छता, शिक्षा, पौधा रोपण व वितरण, वस्त्र वितरण व गांव की महिला समूहों का नेतृत्व करने पर चक्कां, रानियां तथा सरसा में जिला स्तर पर सम्मान मिल चुका है। इसके साथ ही महिला स्वयं सहायता समूह के तहत उत्कृष्ट व सराहनीय कार्य करने पर गृह मंत्रालय भारत सरकार दिल्ली की नारी शक्ति से जल शक्ति थीम पर जल संरक्षण अभियान कैच दॉ रेन 2024 के तहत 9 मार्च 2024 को विशेष रूप से बुलाकर सम्मानित किया गया। इसके बाद 26 जनवरी 2025 को लखपति दीदी योजना के तहत ममता को दिल्ली में गणतंत्र दिवस की परेड में झांकियों का नेतृत्च करने का अवसर प्राप्त हुआ।

    कब और कैसे की शुरूआत | Sirsa News

    ग्राम सखी ममता ने बताया कि अगस्त 2019 में हरियाणा आजिविका मिशन से सी.आर.पी. टीम गांव चक्कां में महिलाओं की हरियाणा सरकार की योजनाओं की जानकारी देने पहुची। उस कार्यक्रम में गांव की महिलाओं के साथ चह भी मौजूद थी। इस दौरान मैने अपना नाम टीम को लिखवा दिया और गांव की अन्य महिलाओं से संपर्क कर सामाजिक गतिविधियां शुरू कर दी। 26 अगस्त 2019 को टीम ने दूसरी मीटिंग कर 10-10 महिलाओं के पांच महिला स्वयं सहायता समूह बनाए। जिसमें कुल 50 महिलाएं शामिल थी। Sirsa News

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