एसएचओ पर कॉलर पकड़ने और थप्पड़ मारने के आरोप, कार्रवाई की मांग, प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, सीसीटीवी में थप्पड़ मारते नजर आये एसएचओं
घरौंडा (सच कहूँ न्यूज़)। Gharaunda News: घरौंडा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल ऑफिसर के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आने के बाद अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ हड़ताल पर चले गए। घटना के विरोध में वीरवार को डॉक्टरों और कर्मचारियों ने अस्पताल के बाहर धरना देकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। उनका आरोप है कि थाना प्रभारी ने डॉक्टर के साथ मारपीट और बदसलूकी की। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित एसएचओ को सस्पेंड करने और साथ आए पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन भी हरकत में आ गया है। घरौंडा के एसडीएम अस्पताल पहुंचे और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। हालांकि अब तक पुलिस अधिकारी के खिलाफ किसी कार्रवाई को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। Gharaunda News
घरौंडा अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ की हड़ताल का असर मरीजों पर भी पड़ने लगा है। अस्पताल में रोजाना करीब 400 से 500 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा इमरजेंसी और डिलीवरी के केस अलग से आते हैं। ऐसे में ओपीडी बंद होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. मुनेश गोयल के अनुसार फिलहाल कुछ इमरजेंसी सेवाएं जारी हैं, लेकिन ओपीडी पूरी तरह बंद है।
क्यों हुआ विवाद
अस्पताल स्टाफ के अनुसार बुधवार को कुछ मरीज मेडिकल लीगल केस के लिए अस्पताल पहुंचे थे। उस समय ड्यूटी पर डॉक्टर प्रशांत मौजूद थे। आरोप है कि मरीजों ने डॉक्टर के साथ गलत व्यवहार किया। स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर ने पुलिस को फोन कर मदद मांगी। अस्पताल में मौजूद नर्सिंग स्टाफ शालू मखीजा और अन्य कर्मचारी सोनू, जोनी तथा साहिल ने बताया कि डॉक्टर और पुलिस के बीच फोन पर बातचीत हुई। स्टाफ के अनुसार इस दौरान पुलिस की तरफ से कहा गया कि “हम तुम्हारे लिए ही थोड़े बैठे हैं।” कर्मचारियों का कहना है कि उनके सामने डॉक्टर और पुलिस के बीच गाली-गलौच नहीं हुई, लेकिन बातचीत के बाद थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंच गए।
डॉक्टर का कॉलर पकड़ने और थप्पड़ मारने का आरोप | Gharaunda News
अस्पताल कर्मियों का आरोप है कि थाना प्रभारी दीपक कुमार अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टर प्रशांत को बुलाने लगे। जैसे ही डॉक्टर सामने आए तो एसएचओ ने उनका कॉलर पकड़ लिया और उन्हें गाड़ी की तरफ ले जाने लगे। कर्मचारियों का कहना है कि इस दौरान डॉक्टर को थप्पड़ भी मारा गया। जब अस्पताल स्टाफ ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उनके साथ भी बदतमीजी की गई। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर आए पुलिसकर्मी शराब के नशे में थे और उन्होंने डॉक्टर के साथ गाली-गलौच की। कर्मचारियों ने संबंधित पुलिसकर्मियों का मेडिकल करवाने की भी मांग की है।
वीडियो में गाड़ी में बैठाने की कोशिश
इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में थाना प्रभारी दीपक कुमार डॉक्टर प्रशांत को गाड़ी में बैठाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में उन्हें यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि “तेरी गाली खाने के लिए बैठे हैं क्या हम।” वीडियो में डॉक्टर गाड़ी में बैठने से मना करते नजर आते हैं, लेकिन बाद में उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाकर पुलिस अपने साथ ले जाती दिखाई देती है।
डॉक्टर एसोसिएशन भी समर्थन में उतरी
सरकारी डॉक्टर के साथ हुई घटना के बाद डॉक्टर एसोसिएशन भी पीड़ित मेडिकल ऑफिसर के समर्थन में उतर आई है। एसोसिएशन ने पूरे जिले में हड़ताल का ऐलान कर दिया है। डॉक्टरों ने मांग की है कि थाना प्रभारी दीपक कुमार और अन्य संबंधित पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार कर सस्पेंड किया जाए।
सीसीटीवी फुटेज आया सामने
डॉ के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मिडिया में वायरल हो रहा है जिसमे थाना प्रभारी दीपक कुमार डॉ के साथ मारपीट करते व उसे घसीटते हुये बदस्लुकी करते नजर आ रहे है। घटना के बाद पुलिस कर्मचारी फरार बताये जा रहे है मेडिकल संगठन पुलिस कर्मियों का मेडिकल करवाने व कारवाई करने की मांग पर अड़े हुये है लेकिन अभी तक कोई कारवाई नहीं हुई।
थाना प्रभारी ने आरोपों से किया इनकार
उधर घरौंडा थाना प्रभारी दीपक कुमार ने डॉक्टरों के आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि डॉक्टर ने उन्हें फोन किया था और बातचीत के दौरान उनके साथ गाली-गलौच की। थाना प्रभारी के अनुसार बाद में डॉक्टर की ओर से लिखित में माफी भी मांगी गई है। Gharaunda News
प्रशासन और पुलिस के बीच चल रही बातचीत
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. मुनेश गोयल ने बताया कि डॉक्टर प्रशांत के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। इसी के विरोध में डॉक्टर और स्टाफ हड़ताल पर हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर सीएमओ और पुलिस प्रशासन के बीच बातचीत चल रही है। अभी तक इस पर कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
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