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    लॉर्ड्स में गूंजा सरसा-सरसा, 22 देशों में अपनी रिसर्च पेश कर चुके जिंदल दंपत्ति सम्मानित

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    लॉर्ड्स में गूंजा सरसा-सरसा, 22 देशों में अपनी रिसर्च पेश कर चुके जिंदल दंपत्ति सम्मानित

    अंतरराष्ट्रीय होम्योपैथी सम्मेलन में शोध को सराहना

    London International Conference: सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। शहर के वरिष्ठ होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. कमल जिंदल और डॉ. रूपाली जिंदल ने लंदन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शानदार उपलब्धि हासिल कर सरसा का नाम रोशन किया है। दोनों चिकित्सकों को उनके शोध कार्य और होम्योपैथी के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। लंदन में आयोजित इस सम्मेलन का आयोजन लंदन कॉलेज ऑफ होम्योपैथी और एशियाई होम्योपैथिक लीग के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। Sirsa News

    खास बात यह रही कि कार्यक्रम ऐतिहासिक हाउस ऑफ लॉर्ड्स में आयोजित किया गया, जहां दुनिया भर के विशेषज्ञों ने भाग लिया। डॉ. कमल जिंदल ने एलोपेसिया (बाल झड़ने) के होम्योपैथिक उपचार पर आधारित केस स्टडी प्रस्तुत की, जिसमें मरीज के लक्षणों के आधार पर दवाओं के चयन से मिले सकारात्मक परिणामों को साझा किया। वहीं डॉ. रूपाली जिंदल ने हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी समस्याओं के होम्योपैथिक उपचार पर अपना शोध प्रस्तुत किया। दोनों के शोध को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने सराहा और इसे उपयोगी बताया।

    कॉन्फ्रेंस में साझा किए अनुभव | Sirsa News

    भारत लौटने के बाद शहर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. कमल जिंदल ने कहा कि हाउस ऑफ लॉर्ड्स जैसे मंच पर सम्मान मिलना गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि विभिन्न देशों के विशेषज्ञों से संवाद कर नई चिकित्सा पद्धतियों को समझने का अवसर मिला। डॉ. रूपाली जिंदल ने कहा कि सम्मेलन में होम्योपैथी के प्रति वैश्विक स्तर पर सकारात्मक रुझान देखने को मिला। साथ ही आधुनिक शोध पद्धतियों, डिजिटल केस स्टडी और इंटीग्रेटेड चिकित्सा प्रणाली पर भी चर्चा हुई, जिससे उन्हें अपने मरीजों के बेहतर इलाज की नई दिशा मिली। जिंदल दंपत्ति अब तक 22 देशों में होम्योपैथी से जुड़े विषयों पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत कर चुके हैं। उनके कार्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है, जिससे भारतीय होम्योपैथी की पहचान मजबूत हुई है।

    नई पीढ़ी भी संभालेगी जिम्मेदारी

    डॉ. कमल जिंदल के पुत्र डॉ. निकित मणि जिंदल भी चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। वे वर्तमान में लंदन कॉलेज ऑफ होम्योपैथी से अध्ययन कर रहे हैं और भविष्य में होम्योपैथिक फिजिशियन के रूप में सेवाएं देंगे। गौरतलब है कि डॉ. कमल जिंदल के पिता स्व. डॉ. एस.आर. जिंदल सरसा के पहले होम्योपैथी चिकित्सक रहे हैं, जिन्होंने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। Sirsa News