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    मिशन-2019 को लेकर राजनीति पार्टियों में हलचल

    Mission-2019

    हरियाणा में भाजपा व कांग्रेस ने नियुक्त किए प्रभारी | Mission-2019

    रोहतक(सच कहूँ/नवीन मलिक)। मिशन 2019 को देखते हुए अभी से राजनीतिक पार्टियां सक्रिय हो गई है। भले ही जींद उपचुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने ताकत झोंक रखी है, वहीं लोकसभा सीटो को लेकर भी अंदर खाते पूरी तैयारियां चल रही है। जहां भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र को जिम्मेदारी सौंपी तो कांग्रेस भी पीछे नहीं रही और उन्होंने हरियाणा के प्रभारी रहे कमलनाथ को हटाकर उनकी जगह गुलाब नबी आजाद को जिम्मेदारी सौंपी है।

    कलराज मिश्र व गुलाब नबी आजाद राजनीति के मंजे हुए खिलाड़ी माने जाते हैं। हालांकि हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कई धडों में बंटी हुई है, अब देखना यह है कि गुलाब नबी आजाद का जादू कहां तक चल पाता है। इससे बड़ी क्या बात होगी की पांच साल तक कांग्रेस हरियाणा में संगठन के पदाधिकारियों की भी नियुक्ति नहीं कर पाई। इसके पीछे कांग्रेस की गुटबाजी को हावी माना जाता है।

    जींद उपचुनाव के बाद प्रदेश अध्यक्ष के पद को लेकर भी हटकले चले रही है कि इस पर भी मंथन किया जा सकता है। भाजपा ने तो अभी से ही अपनी चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है और हरियाणा लोकसभा प्रभारी कलराज मिश्र लगातार दौरा कर रहे हंै। इससे पहले खरावड
    स्थित बैकेट हाल में भाजपा प्रदेश में दस की दस सीटों पर जीत के लिए कार्यकर्त्ताओं के साथ मंथन कर चुकी है और प्रत्याशियों के नाम पर कार्यकर्त्ताओं का मन टटोला जा रहा है।

    वर्तमान में 10 सीटों में से 7 पर भाजपा के सांसद

    वर्तमान लोकसभा में हरियाणा की 10 सीटों में से 7 पर भाजपा के सांसद है, जबकि रोहतक की लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा तीन बार लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। रोहतक की लोकसभा सीट के अंतर्गत रोहतक, महम, कलानौर सुरक्षित, गढी सांपला किलोई, बेरी, बादली, बहादुरगढ, कौसली, झज्जर आरक्षित विधानसभा क्षेत्र आते हैं। अब इस सीट को जीतने के लिए भाजपा ने अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है। बकायदा इस सीट के लिए अलग से वरिष्ठ नेताओं की भी जिम्मेदारी लगाई गई है।

    कांग्रेस का दावा: 2019 में रोहतक से दीपेन्द्र ही बनेंगे सांसद

    पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के बेटे सांसद दीपेन्द्र हुड्डा अपनी सीट को बरकरार रखने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हंै। हालांकि पिछले दो चुनाव के अंतराल में दीपेन्द्र हुड्डा के जीत का अंदर भी काफी कम हुआ है।

    राजनीतिक जानकारो का कहना है कि इस बार चुनाव जातिगत आधार पर हो सकते है, जिस तरह से रोहतक मेयर सीट को लेकर चौकाने वाले परिणाम सामने आए थे, उसी तरह लोकसभा सीट पर भी अभी कुछ तय नहीं है, जबकि कांग्रेस का दावा है कि मोदी लहर के बावजूद भी सांसद दीपेन्द्र हुड्डा विजयी हुए थे और वह 2019 में भी रोहतक से ही सांसद बनेंगे। अब देखना यह है कि भाजपा के दिग्गिज इस सीट को लेकर क्या कर पाते है या फिर कांग्रेस का ही जलवा बरकरार रहेगा।

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