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    पशुपालन विभाग ने जारी की विशेष एडवाइजरी, गर्मी में पशुओं का रखें ख्याल

    Bhiwani News
    Bhiwani News: पशु चिकित्सक विजय सनसनवाल। छाया: नितिन।

    पशुपालक आहार में बढ़ाएं हरा चारा और 50 ग्राम खनिज मिश्रण: डॉ. विजय सनसनवाल

    भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)। Bhiwani News: क्षेत्र में तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर ना केवल इंसानों पर बल्कि पशुओं पर भी प्रतिकूल रूप से पड़ रहा है। भीषण गर्मी के कारण दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन में गिरावट देखी जा रही है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए पशुपालन विभाग और विशेषज्ञों ने पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पशु चिकित्सक विजय सनसनवाल के अनुसार गर्मी के थपेड़ों (लू) के कारण पशुओं में इलेक्ट्रोलाइट्स और पानी की भारी कमी हो रही है। इस कारण पशुओं में बुखार, डिहाइड्रेशन और दस्त जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि गर्मी के तनाव के कारण पशुओं के दुग्ध उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। Bhiwani News

    पशुओं को लू और बीमारी से बचाने के लिए विभाग ने एक मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है। डा. सनसनवाल ने पशुपालकों को सुझाव देते हुए कहा कि पशुओं को बंद कमरों के बजाय हवादार बाड़े में रखें। यदि बाड़े की छत टीन की है, तो उस पर घास या पुआल डालें और समय-समय पर पानी का छिड़काव करें ताकि तापमान कम रहे। बाड़ों में कूलर का प्रयोग करना भी बेहद फायदेमंद साबित हो रहा है। भैंसों और अन्य पशुओं को सूर्य निकलने से पहले या सूर्यास्त के बाद तालाब (जोहड़) में ले जाएं। दिन के समय उन्हें घर पर ही सुबह-शाम ताजे पानी से नहलाएं। पशुओं को दिन में कम से कम 3-4 बार साफ और ताजा पानी पिलाएं।

    डा. सनसनवाल ने कहा कि गर्मी में पशुओं की ऊर्जा बनाए रखने के लिए उनके खान-पान में बदलाव जरूरी है तथा इन बदलाव के लिए पशुपालक पशुओं के आहार में हरे चारे की मात्रा बढ़ाएं, पानी में गुड़ घोलकर पिलाना और इलेक्ट्रोलाइट देना पशुओं को लू से बचाने में कारगर है, प्रति पशु प्रतिदिन 50-50 ग्राम खनिज मिश्रण जरूर दें, यदि आप पशु को खल या बिनौला खिला रहे हैं, तो उसे खिलाने से कम से कम 2 घंटे पहले पानी में भिगोकर रखें। पशु चिकित्सक डा. विजय सनसनवाल ने चेतावनी दी है कि यदि किसी पशु की आंखें धंसी हुई दिखाई दें या उसकी चमड़ी ढीली पड़ने लगे, तो यह गंभीर डिहाइड्रेशन के लक्षण हैं। ऐसे में तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें और पशु को इलेक्ट्रोलाइट तथा गलूकोज जैसे ठंडक देने वाले पदार्थ दें। Bhiwani News

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