Pakistan Petrol-Diesel Price Hike: पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल महंगा, ट्रांसपोर्टर बोले- 'ये जिंदा दफनाने जैसा'

बढ़ती महंगाई के खिलाफ ट्रांसपोर्टरों का प्रदर्शन

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Pakistan Petrol-Diesel Price Hike: इस्लामाबाद। पाकिस्तान में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि ने आम नागरिकों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। ईंधन महंगा होने से परिवहन, खाद्य सामग्री तथा दैनिक आवश्यक वस्तुओं के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। बढ़ती महंगाई के विरोध में पेशावर तथा खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में परिवहन संचालकों ने सरकार के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन किया। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार को पेशावर स्थित हाजी कैंप टर्मिनल पर बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर एकत्र हुए और पेट्रोल तथा डीजल की कीमतों में कमी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। Pakistan News

प्रदर्शनकारियों ने सरकार की आर्थिक नीतियों को आम जनता के लिए घातक बताया। प्रदर्शन के दौरान ट्रांसपोर्ट नेता जुबैर अहमद कुरैशी ने कहा कि ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जबकि सीएनजी की उपलब्धता भी प्रभावित है। उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी ने निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के लोगों का जीवन अत्यंत कठिन बना दिया है। उन्होंने कहा कि आगामी ईद पर्व के बावजूद लोग खरीदारी करने में असमर्थ हैं। खाद्य पदार्थों और आटे की कीमतें लगातार बढ़ने से आम परिवारों का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। परिवहन संचालकों ने सरकार पर बार-बार किराया बढ़ाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि नए ईंधन समायोजन के बाद एक ही महीने में पांचवीं बार किराए में वृद्धि की गई है।

रिपोर्टों के अनुसार, वातानुकूलित वाहनों के किराए में भारी बढ़ोतरी हुई है, जबकि सामान्य बस सेवाओं का किराया भी लगभग पांच प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है। पेशावर से नौशेरा, मर्दन, एबटाबाद, हरिपुर, स्वात और मलकंद जाने वाले यात्रियों को अब पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना पड़ रहा है। वहीं रावलपिंडी और लाहौर की यात्रा करने वालों के खर्च में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। शहर की बस सेवाओं का न्यूनतम किराया भी तीन गुना तक बढ़ा दिया गया है। पाकिस्तान सरकार ने 30 अप्रैल को उच्च गति डीजल और पेट्रोल की कीमतों में फिर से वृद्धि की घोषणा की थी।

सरकारी अधिसूचना के अनुसार, हाई-स्पीड डीजल के दाम में लगभग 19 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तथा पेट्रोल में 6 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर से अधिक की बढ़ोतरी की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि डीजल की कीमत बढ़ने से कृषि और परिवहन क्षेत्र पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा। बुआई के मौसम में ईंधन महंगा होने से खेती की लागत बढ़ सकती है, जबकि माल ढुलाई महंगी होने से खाद्य वस्तुओं और उर्वरकों की कीमतों में भी वृद्धि होने की आशंका है। आर्थिक जानकारों के अनुसार, बढ़ती महंगाई और ऊर्जा संकट के कारण पाकिस्तान में आम जनता पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे सरकार के प्रति असंतोष भी तेज हो रहा है। Pakistan News

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