Punjab
Earthquake News: फिर कांपी धरती! घरों से बाहर निकले लोग, प्रशासन अलर्ट मोड पर
नेपाल में फिर कांपी धरती, दार्चुला में 4.1 तीव्रता का भूकंप
Earthquake News: नेपाल में एक बार फिर भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। रविवार को नेपाल के पर्वतीय जिला दार्चुला में 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है।
सुबह 11:55 बजे महसूस हुए झटके
भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र के अनुसार भूकंप रविवार पूर्वाह्न 11 बजकर 55 मिनट पर आया। इसका केंद्र दार्चुला जिले के तपोवन क्षेत्र में बताया गया है। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.1 मापी गई। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। पहाड़ी इलाका होने के कारण प्रशासन तुरंत सतर्क हो गया और हालात पर नजर रखी जाने लगी।
नुकसान की कोई खबर नहीं
अधिकारियों के मुताबिक अब तक किसी इमारत के गिरने, भूस्खलन या जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। राहत और निगरानी टीमें लगातार क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
उत्तराखंड सीमा से सटा है दार्चुला
दार्चुला जिला भारत के Uttarakhand राज्य से सटा हुआ है। यह पूरा हिमालयी क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की लगातार हलचल के कारण नेपाल और आसपास के क्षेत्रों में अक्सर भूकंप आते रहते हैं।
नेपाल क्यों रहता है भूकंप के खतरे में?
विशेषज्ञों का कहना है कि नेपाल दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है। हिमालयी क्षेत्र में टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव की वजह से यहां बार-बार भूगर्भीय गतिविधियां होती रहती हैं।
साल 2015 में नेपाल में आया विनाशकारी भूकंप आज भी लोगों के जहन में ताजा है। उस भीषण आपदा में हजारों लोगों की जान चली गई थी और लाखों लोग बेघर हो गए थे। इसी कारण नेपाल में छोटे भूकंपों को भी गंभीरता से लिया जाता है।
प्रशासन ने जारी की सलाह
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि—किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें
आफ्टरशॉक की संभावना को देखते हुए सतर्क रहें
आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें
पुराने और कमजोर भवनों से दूरी बनाए रखें
हालांकि फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं।
