Punjab
Kota Cesarean Delivery: कोटा के अस्पतालों में दो महिलाओं की किडनी फेल होने से हड़कंप, सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक और मौत
महिलाओं की किडनी संबंधी गंभीर समस्या से चिकित्सा व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न
Kota Cesarean Delivery: कोटा। राजस्थान के कोटा स्थित सरकारी अस्पतालों में प्रसूता महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंताएं उभरकर सामने आई हैं। हाल ही में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सामने आए मामलों के बाद अब जेके लोन अस्पताल में भी सिजेरियन प्रसव के उपरांत एक महिला की मृत्यु तथा दो अन्य महिलाओं की किडनी संबंधी गंभीर समस्या ने चिकित्सा व्यवस्था पर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बूंदी जिले के सुवांसा गांव निवासी प्रिया महावर का शनिवार को जेके लोन अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव कराया गया था। Rajasthan News
प्रसव के कुछ समय बाद ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और देर रात उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। बताया जा रहा है कि उनका विवाह लगभग दो वर्ष पूर्व हुआ था, जिससे इस घटना के बाद परिवार गहरे शोक में डूब गया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि महिला पहले से हृदय रोग से पीड़ित थीं और उन्हें सीने में दर्द की शिकायत भी थी। अस्पताल की अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा के अनुसार, चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, किंतु स्थिति अत्यंत गंभीर होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। इसी बीच, आरती और पिंकी नामक दो अन्य प्रसूताओं की किडनी प्रभावित होने के मामले ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ा दी है।
दोनों महिलाओं में मूत्र आना बंद हो गया था, जिसके बाद उन्हें गंभीर स्थिति में मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में भर्ती कराया गया। आरती की हालत अधिक बिगड़ने पर उन्हें गहन चिकित्सा इकाई में स्थानांतरित किया गया, जबकि पिंकी को भी रात में विशेष उपचार के लिए रेफर किया गया। जयपुर से पहुंचे विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम दोनों मरीजों का उपचार कर रही है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, फिलहाल दोनों महिलाओं की स्थिति में कुछ सुधार देखा गया है।
हालांकि, प्रसूताओं में अचानक किडनी फेल होने जैसी गंभीर समस्या के कारणों को लेकर चिकित्सक अभी स्पष्ट निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सके हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी कोटा मेडिकल कॉलेज में प्रसव के बाद महिलाओं की मृत्यु और कई प्रसूताओं की किडनी खराब होने के मामले सामने आ चुके हैं। इन घटनाओं ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं और प्रसूता देखभाल व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। Rajasthan News