Child Labour

उत्तर प्रदेश, बिहार, आंध्र से होती है सबसे ज्यादा बाल तस्करी

नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। उत्तर प्रदेश, बिहार और आंध्र प्रदेश से वर्ष 2016 से? वर्ष 2022 के बीच सबसे ज्यादा बाल तस्करी हुई है, जबकि कोरोना महामारी के बाद दिल्ली में बच्चों की तस्करी  (Child Trafficking) में 68 फीसद की भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है। यह जानकारी देश में बाल तस्करी पर जारी […]
उत्तर प्रदेश  देश  न्यूज़ ब्रीफ 

World Child Labor Prohibition Day: एक भारतीय के प्रयास से हुई अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस की शुरूआत

नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। World Child Labor Prohibition Day: अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस की शुरूआत वर्ष 2002 में एक भारतीय नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के प्रयासों से हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस 12 जून को मनाने के लिए एक लंबा सफर तय करना पड़ा है। श्री सत्यार्थी ने इस मुद्दे […]
देश  प्रेरणास्रोत  न्यूज़ ब्रीफ 

पटियाला में बाल मजदूरी के खिलाफ छापेमारी में 19 बच्चों को बचाया : डॉ. कौर

19 बच्चों में से 9 की उम्र 14 साल से कम और बाकी किशोर चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर के दिशा-निर्देशों पर बाल मजदूरी (Child Labour) के विरुद्ध महीना भर चलने वाली कार्रवाई के हिस्से के तौर पर पटियाला में की गई सफल छापेमारी और बचपन […]
पंजाब  चंडीगढ़ 

बाल श्रमिक मिलने पर दुकानदारों को नोटिस जारी

कैराना (सच कहूँ न्यूज)। बाल श्रम विभाग, वन स्टॉप सेंटर, चाइल्ड लाइन शामली (Shamli) और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम ने कस्बे में संयुक्त रूप से छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान दुकानों पर तीन बाल श्रमिक काम करते पाए गए। इस पर दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। शुक्रवार को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग […]
उत्तर प्रदेश 

सरसा में 8 बच्चों को बालश्रम से कराया मुक्त

उपायुक्त ने शिकायतें मिलने के बाद गठित की थी टीम सरसा (सच कहूँ न्यूज)। प्रशासन की लाख कोशिश के बाद भी शहर में बाल मजदूरी का सिलसिला थम नहीं रहा है। गत दिवस बाल कल्याण समिति व श्रम विभाग ने संयुक्त रूप से शहर के बाजारों में औचक कार्रवाई की। अचानक की गई इस कार्रवाई […]
हरियाणा 

बाल श्रम की गिरफ्त में सिसकता बचपन!

झुग्गी बस्तियों में रहते हैं या वंचित परिवारों से आते हैं, उनकी शिक्षा तथा सुरक्षा के लिए शहरों में ‘बाल शिक्षण-प्रशिक्षण केंद्र’ नाम से आवासीय विद्यालय की स्थापना की जा सकती है, जहां बच्चे रहकर ना सिर्फ पढ़ाई कर सकें,
लेख