पंजाब की साध-संगत ने कर दी बल्ले-बल्ले, जल्दी पढ़ें…

पूज्य गुरू जी की पावन शिक्षाओं पर चलते हुुए साध-संगत लगातार कर रही मानवता भलाई के कार्य

  • सुनाम ब्लॉक ने 24वां मकान बनाकर जरूरतमंद परिवार को सौंपा

सुनाम ऊधम सिंह वाला। (सच कहूँ/कर्म थिंद) पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं का प्रमाण पेश करते ब्लॉक सुनाम की साध-संगत ने गतदिवस ब्लॉक के गांव नमोल में एक जरूरतमंद परिवार को पूरा घर बनाकर दिया। ब्लॉक कमेटी के मुताबिक सिंगारा सिंह अपना मकान बनाने में असमर्थ था और परिवार में सिंगारा सिंह अपनी पत्नी और 7 वर्षीय बेटे के साथ रहता है और उसका मकान बहुत ही खस्ता हालत में था। बारिश के मौसम में हमेशा ही छत से पानी टपकता था। उक्त परिवार बहुत परेशानी में अपनी जिंदगी व्यतीत कर रहा था। जैसे ही इस बात का डेरा सच्चा सौदा के स्थानीय जिम्मेवारों को पता चला तो उन्होंने तुरंत इस संबंधी सूचना ब्लॉक कमेटी सदस्यों को दी, जिन्होंने विचार कर सिंगारा सिंह को पूरा घर बनाकर देने का फैसला लिया। जिम्मेवारों ने बताया कि मकान बनाने की सेवा में ब्लॉक के विभिन्न गांवों के अलावा शहर की साध-संगत ने पूरे उत्साह से भाग लिया और कुछ ही घंटों में मकान बनाकर सिंगारा सिंह के परिवार को सौंप दिया।

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उल्लेखनीय है कि सिंगारा सिंह पत्नी और बच्चे के साथ एक ही कमरे में रहता था, जिसे किसी रिश्तेदार के घर आने पर चिंता सताने लगती थी, जिसे डेरा श्रद्धालुओं ने गतदिवस कुछ घंटों में खत्म कर दिया, ब्लॉक कमेटी के सदस्यों ने बताया कि सुनाम ब्लॉक द्वारा अब तक 23 जरूरतमंद परिवारों को मकान बना के दिए जा चुके हैं और यह 24वां मकान बनाकर सौंपा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि मकान बनाने में कामरेड हरबंस सिंह, कामरेड मेजर सिंह, गगनदीप सिंह रोमाणा, हैपी सिंह भट्ठे वाला, मिट्ठू सिंह रोमाणा, शाम सुन्दर दास ने सहयोग दिया। इस मौके 25 मैंबर राजेश बिट्टू इन्सां, ब्लॉक भंगीदास छहबर सिंह इन्सां, जसपाल सिंह इन्सां, भगवान इन्सां, हरबंश इन्सां, सतिनाम इन्सां, अवतार इन्सां (सभी 15 मैंबर), शहरी भंगीदास गुलजार इन्सां, जसवीर इन्सां, रघवीर इन्सां, जीवन इन्सां, सुजान बहन शांति इन्सां, चरनजीत कौर इन्सां, राज कौर इन्सां, सिन्दर कौर इन्सां, रानी कौर इन्सां, अमरजीत कौर इन्सां और साध-संगत उपस्थित थी।

बारिश में धर्मशाला में रात गुजारने को मजबूर था परिवार : सिंगारा सिंह

सिंगारा सिंह ने बताया कि वह बहुत मुश्किल जीवन यापन कर रहे थे क्योंकि जब भी बारिश का मौसम होता था तो उनके मकान की छत से पानी टपकने लगता था और वह कभी किसी के घर तो कभी किसी धर्मशाला में राते गुजारने को मजबूर थे और खुद मकान बनाने में असमर्थ था। उसकी चिंता उस समय खत्म हो गई जब डेरा श्रद्धालुओं ने उनके घर पहुंचकर उनको मकान बनाकर देने की पेशकश की, उन्होंने कहा कि पूज्य गुरू जी की पावन शिक्षाओं पर चलते साध-संगत द्वारा किए गए उपकार का ऋण उतारना नामुमकिन है।

इन्सानियत पर दृढ़ता से पहरा दे रहे डेरा श्रद्धालु : पूर्व सरपंच

जरूरतमंद परिवार को मकान बनाकर देने की प्रशंसा करते पूर्व सरपंच चरनजीत सिंह धालीवाल ने कहा कि यह परिवार बहुत मुश्किलें झेल रहा था क्योंकि यह परिवार अपना मकान बनाने में असमर्थ था। अब डेरा श्रद्धालुओं ने उक्त परिवार का साथ दिया है, जो कि काबिले-तारीफ है। उन्होंने कहा कि इन्सानियत सबसे बड़ा धर्म है, जो सभी को आपस में मिलजुल कर रहने और एक-दूसरे की मदद करना सिखाता है। इन पावन शिक्षाओं पर डेरा श्रद्धालु पूरी दृढ़ता से पहरा दे रहे हैं।

सेवादारों ने पेश की इन्सानियत की मिसाल

नि:संदेह आज के युग में हाथ को हाथ खाए जा रहा है लेकिन मानवता भलाई कार्यों में साध-संगत नि:स्वार्थ भावना से सेवा करने के लिए पहुंच रही है। आज मकान बनाकर देने की सेवा में जरनैल इन्सां, रिंकू इन्सां, सतिगुरू इन्सां, कर्मा इन्सां, सुखदेव इन्सां, प्रकाश इन्सां, लाभ इन्सां, निक्का इन्सां, बल्ला इन्सां, बंटी इन्सां, हरमेश इन्सां ने मिस्त्री के तौर पर अपना सराहनीय योगदान देकर इन्सानियत की मिसाल पेश की है।

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