गांधी परिवार पर ईडी का शिकंजा, हेराल्ड हाउस की फिर ली तलाशी, खड़गे भी तलब हुए

Herald House case

नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। धन शोधन निवारक कानून से जुड़े मामलों की जांच करने वाली केन्द्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नेशनल हेराल्ड मामले की जांच के सिलसिले में कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नियंत्रण वाली कंपनी यंग इंडिया लिमिटेड के दिल्ली स्थित कार्यालय भवन की गुरुवार को दोबारा तलाशी ली। इस दौरान वहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खडगे को भी तलब किया गया था। इससे पहले एजेंसी ने नयी दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस स्थित यंग इंडिया के दफ्तर को सील कर उस पर नोटिस चस्पा कर लोगों का प्रवेश रोक दिया था। सील करने की कार्रवाई से पहले एजेंसी ने हेराल्ड हाउस और हेराल्ड समाचार पत्र समूह के देशभर में फैले ठिकानों की तलाशी ली थी।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गांधी ने ईडी की इस कार्रवाई की आलोचना की है और कहा है कि इसके जरिए उनकी पार्टी को डराने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने ट्वीट किया,‘राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को ईडी ने तलब किया है जबकि संसद का अधिवेशन चल रहा है। वास्तव में वह (खड़गे) 12:20 बजे वहां के लिए निकल चुके थे और उन्होंने अपनी हाजिरी दर्ज कर दी थी। यह मोदीशाही चल रही है और यह और नीचे गिर रही है। सूत्रों के अनुसार, ‘खड़गे हेराल्ड हाउस पहुंच चुके थे और वहां ईडी की टीम तलाशी के काम में लगी हुई थी। खड़गे ने मंगलवार को कहा था कि नेशनल हेराल्ड के विभिन्न कार्यालयों पर ईडी का छापा ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ की कार्रवाई है।

क्या है मामला

उल्लेखनी है कि हेराल्ड मनी लांड्रिग मामले में ईडी राहुल गांधी और श्रीमती सोनिया गांधी से कई दौर में घंटों तक पूछताछ कर चुकी है। यह मामला हेराल्ड समाचार पत्र समूह की संपत्ति को तथाकथित फर्जी सौदों का जाल बुनकर यंग इंडिया कंपनी को मात्र 50 लाख रुपये में सुपुर्द कर देने से जुड़ा है। भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी के शिकायत पर इस मामले की जांच शुरू हुई थी और गांधी और श्रीमती सोनिया गांधी को निचली अदालत से जमानत मंजूर करानी पड़ी थी। यंग इंडिया लिमिटेड में कांग्रेस के दोनों शीर्ष नेता 38-38 प्रतिशत के भागीदार हैं। कंपनी के दो शेयरधारक मोतीलाल बोरा और आस्कर फनार्डीज का निधन हो चुका है।

डरा धमका कर हमें चुप कराने में कामयाब नहीं होगी सरकार : राहुल

Rahul Gandhi Sachkahoon

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा कि सरकार चाहती है कि उससे कोई जनता से जुड़े मुद्दों पर सवाल नहीं पूछे इसलिए वह डरा धमका कर हमें चुप कराने का प्रयास कर रही है लेकिन उसकी यह कोशिश सफल नहीं होगी। गांधी ने यहां नेशनल हेराल्ड मामले में पूछे एक सवाल पर कहा कि यह पूरा मामला डराने धमकाने का है और सरकार बराबर धमकाने की कोशिश कर रही है। सरकार का प्रयास यही है कि विपक्षी दलों की आवाज को दबाया जाए ताकि वह सरकार से सवाल नहीं पूछ सके। उन्होंने कहा, ‘ये सोचते हैं कि थोड़ा-सा प्रेशर डालकर हमें चुप कर देंगे। हम चुप नहीं होने वाले। जो इस देश में नरेन्द्र मोदी जी, अमित शाह जी कर रहे हैं, लोकतंत्र के खिलाफ, उसके खिलाफ हम खड़े रहेंगे, चाहे ये कुछ भी कर लें, कोई फर्क नहीं पड़ता। कांग्रेस नेता से जब पूछा गया कि भारतीय जनता पार्टी कहती है कि वह रण छोड़ने भी नहीं देगी और भागने भी नहीं देगी, इस पर गांधी ने कहा ‘भागने की कौन बात कर रहा है। भागने की वो बात कर रहे हैं। देखिए, हम इंटिमिडेट नहीं होंगे, हम मोदी से नहीं डरते हैं। कर लें, जो करना है, कुछ फर्क नहीं पड़ेगा। जो मेरा काम है, देश की रक्षा करना, लोकतंत्र की रक्षा करना, देश में जो भाईचारा है, उसको बनाए रखना, वो मैं करता रहूँगा, ये कुछ भी कर लें।

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