पारा जमाव बिंदु पर, शीतलहर ने ठिठुराया, मौसम विभाग की चेतावनी

farmer
  •  खेतों में बिछी बर्फ की चादर, फसल खराब होने की आशंका से किसान चिंतित
  •  धूप निकलने के बाद भी नहीं मिल रही राहत

हनुमानगढ़। जिले में हड्डी जमा देने वाली ठंड का प्रकोप जारी है। पारा जमाव (weather) बिंदु पर पहुंच गया है। हालांकि तेज धूप निकलने से दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई है लेकिन सुबह-शाम सर्दी का कहर जारी है। इसके कारण लोगों को तेज धूप में भी राहत नहीं मिल रही है। मंगलवार को सुबह से हाड़ कंपाने वाली सर्दी से लोगों की दिनचर्या भी अस्त-व्यस्त हो गई। लोग सुबह देरी से घरों से बाहर निकले तो रात को जल्दी ही मार्केट बंद हो गए। वहीं, जगह-जगह दूध की स्टालों पर लोगों को जमावड़ा नजर आया। वहीं मोहल्ले में लोग अलाव जलाकर सर्दी से राहत पाते नजर आए। ग्रामीण इलाकों में फसलों पर ओस की बूंदें गिरने के साथ बर्फ की परत जम गई।

पाले ने किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें बढ़ा दी है। देर से आई सर्दी weather फसलों पर कहर बरपा रही है। तेज ठंड के चलते कई स्थानों पर फसलों को नुकसान की सूचना है। पाला पडऩे से गेहंू, सरसों और आलू की खेती पर असर पड़ रहा है। फसलें लगभग नष्ट होती जा रही हैं। दरअसल, सर्दी के इस सीजन में मौसम में बदलाव होने के साथ पारे में भी लगातार उतार-चढ़ाव आया है। बीते चार दिनों से सर्द हवा चलने से सर्दी एकाएक बढ़ा दी। कई इलाकों में फसलों में बर्फ जमने लगी है। अब सूरज की किरण निकलने पर भी सर्दी से राहत नहीं मिल रही है।

टिब्बी तहसील के चक 9 जीजीआर में मंगलवार सुबह करीब आठ बजे गेहूं व सरसों की फसल पर पाला जमने से फसलें बर्फ की सफेद चादर में लिपटी नजर आईं। पिछले चार दिनों से यही हालात हैं। पाला जमने से फसलों को नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। सरसों में अधिक नुकसान होने की बात कही जा रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पाले से सरसों की फसल को नुकसान होने के आसार हैं। सरसों के पत्तों पर बर्फ जमने से वह खराब हो सकती है। सरसों की फसल को पाले से बचाने के लिए गंधक के तेजाब का छिड़काव करने से ही फसल की सुरक्षा होगी।]

19 से बढ़ेगी मौसम में गर्माहट | weather

लोगों को अभी दो-तीन दिनों तक कड़ाके की सर्दी से राहत मिलने वाली नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दो-तीन दिन तक मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है। ऐसी स्थिति में फसलों पर पाले की आशंका और जताई जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि भयंकर सर्दी और शीतलहर का यह दौर विंटर सीजन का पीक है। यानी ठंड अपने चरम पर है। 19 जनवरी से इसका असर कम होने लगेगा।

उत्तर भारत के मौसम में होने वाले बड़े बदलाव के कारण पहाड़ी इलाकों से राजस्थान समेत मध्य भारत में आने वाली बर्फीली हवाएं रुक जाएंगी। इसके बाद से मौसम में गर्माहट बढ़ेगी। न्यूनतम तापमान में सुधार दिखाई पड़ेगा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 19 से 23 जनवरी तक दो बैक-टू-बैक वेस्टर्न डिस्टर्बंेस आएंगे। इसके प्रभाव से हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख से आ रही बर्फीली हवाएं थम जाएंगी। इससे राजस्थान समेत कई प्रदेशों में तापमान बढऩे लगेगा। लोगों को सुबह-शाम पडऩे वाली कड़ाके की सर्दी से राहत मिलेगी।

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