किडनी रोगी का जीवन बचाने में मददगार बनी हिसार की साध-संगत

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Hisar's Sadh-Sangat sachkahoon

ऑप्रेशन का पूरा खर्च किया वहन

  • रोगी की माँ ने दान की किडनी

  • बोली-धन्य हैं पूज्य गुरु जी, जो अपने शिष्यों को ऐसी नेक शिक्षा देते हैं

सच कहूँ/ श्याम सुंदर सरदाना, हिसार। ‘‘दु:ख, मुसीबत में घिरे लोगों की मदद करना ही सच्ची इन्सानियत है।’’ पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के इन वचनों पर अमल करते हुए हिसार ब्लॉक की साध-संगत ने किडनी रोगी के ऑप्रेशन में आर्थिक मदद करके मानवता का फ़र्ज निभाया।

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जानकारी के अनुसार हिसार के डिब्बा दाना शेर मिल गेट निवासी संजय काफी लंबे समय से बीमार चल रहा था। इसके चलते परिवार वालों ने उसे कई अस्पतालों में दिखाया। इसके बाद अचानक एक दिन संजय के परिवार वालों को पता चला कि उसकी किडनी में बड़ी दिक्कत है। तब डॉक्टर ने परिवार वालों को बताया कि इस बीमारी का उपचार काफी महंगा और बहुत ज्यादा रुपये खर्च होने वाला है। जैसे ही संजय के परिवार वालों को इस बारे में पता चला तो उनके पैरों तले से मानों जमीन खिसक गई थी, क्योंकि ये परिवार इतना महंगा इलाज करवाने में असमर्थ था।

इस बारे में जब स्थानीय डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों को पता चला तो जिम्मेवारों ने तुरंत इस जरूरतमंद परिवार की मदद करने का निर्णय लिया। सबसे पहले ब्लॉक के जिम्मेवार संजय के परिवार वालों से मिले और उन्हें हौंसला बंधाया कि आप घबराएं नहीं भगवान सब सही करेगा। तब साध-संगत की ओर से हर संभव मदद का भरोसा भी दिलाया गया। इसके पश्चात संजय की किडनी ट्रांसप्लांट की पूरी तैयारी हुई। उसकी माँ ने किडनी देने की बात कही। तब डॉक्टरों ने आवश्यक कागजी कार्रवाई के बाद संजय की माँ की किडनी संजय को ट्रांसप्लांट की।

इस ऑप्रेशन पर आया पूरा खर्च हिसार ब्लॉक के डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों ने वहन किया। संजय का सफलतापूर्वक इलाज होने पर परिवार वालों ने नामचर्चा में पहुंचकर डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों का तहेदिल से धन्यवाद किया। संजय की माँ ने कहा कि धन्य हैं पूज्य गुरु जी, जो अपने शिष्यों को ऐसी नेक शिक्षा देते हैं। इस मौके पर ब्लॉक की साध-संगत व सभी जिम्मेवार सेवादार मौजूद थे।

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