मानसून से पहले टिड्डियों को भगाना होगा
टिड्डियों ने ऐसी तबाही फरवरी में गुजरात और राज्स्थान में मचाई हुई है, जरूरत इस बात की है, किसी भी हाल में इनका आतंक रोका जाए। क्योंकि कुछ दिनों में मानसून दस्तक देने वाला है। उसके बाद किसान अपने खेतों में धान की रोपाई करेंगे। अगर उस वक्त भी टिड्डियों का आतंक यूं ही जारी रहा था, तो धान की फसल चौपट हो सकती है।
भारत का विकृत दृष्टिकोण
पूर्ववर्ती योजना आयोग ने 2011 में इस मुद्दे पर चर्चा की थी तथा संयुक्त राष्ट्र संघ और अन्य संगठन बीच-बीच में इस पर चर्चा करते रहते हैं। आंतरिक विस्थापन का मुद्दा पहले इस तरह कभी नहीं उठा।यहां तक कि 1950 के दशक में भी नहीं उठा जब भाखड़ा और दामोदर घाटी परियोजनाओं के कारण बड़ी संख्या में लोगों का विस्थापन हुआ था।
21वीं दशक के भारत के पास सभी का जवाब है
भारत चीन को उसी तरह से जवाब दे रहा है जैसा जवाब हमने 2 वर्ष पहले चीन को डोकलाम में दिया था। चीन की हरकतों को भारत हल्के में नहीं ले रहा है, ना ही किसी के उकसावे में आकर काम कर रहा है जिस प्रकार पिछले दिनों नेपाल ने चीन के उकसावे में आकर बयानबाजी कर रहा था अब वह भी ठंडा पड़ गया।
तम्बाकू के शौकीनों का दुश्मन है ‘कोरोना’
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार जो लोग तंबाकू का सेवन करते हैं उनमें कोविड-19 का संक्रमण अधिक तेजी से फैलता है। क्योंकि तंबाकू का उपयोग करने वालों का फेफड़ा अपेक्षाकृत कमजोर होता है। जिससे इस तरह के व्यक्तियों में न केवल कोरोना के संक्रमण का खतरा अधिक होता है बल्कि फेफड़ा कोरोना वायरस व उससे जुड़ी बीमारियों से लड़ने में भी सक्षम नहीं होता है।
ऑनलाइन शिक्षा बनाम शिक्षा का नैतिक-सामाजिक पक्ष
क्या महर्षि अरविंद द्वारा बताएं चहुँमुखी विकास करने में ऑनलाइन शिक्षा सक्षम हो सकती? इसके अलावा जिस देश में गुरु के चरणों में बैठकर व्यवहारिक शिक्षा अर्जित किए जाने का विधान रहा हो, और तो और शिक्षा और दर्शन जहां पर एक ही सिक्के के दो पहलू माने जाते हों। वहां ऑनलाइन शिक्षा कहीं देश के भविष्य और संस्कार को नेपथ्य में न ले जाए? यह बात विचार करने योग्य है।
अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की चुनौती
वर्तमान की बात करें तो भारतीय अर्थव्यवस्था एक गहरी संकट की तरफ बढ़ रही है। विभिन्न प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर के संदर्भ में जो आकलन जारी किए हैं, वे चिंताजनक हैं। आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक, एडीबी और मूडीज जैसी संस्थाओं ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान में एक बड़ी कटौती की है।
कोरोना संक्रमण पर गर्मी का कितना प्रभाव?
बहरहाल, गर्मी में कोरोना के प्रसार में कमी आने संबंधी भले ही कितने ही दावे किए जाएं लेकिन वास्तव में दुनिया के किसी भी वैज्ञानिक के पास कोरोना पर गर्मी के प्रचण्ड तापमान के प्रभाव को लेकर कोई निश्चित जवाब नहीं है।
सीमाई विवादों के बहाने उन्माद में चीन
भारत और चीन के बीच अक्साई चिन को लेकर करीब 4000 किमी और सिक्किम को लेकर 220 किमी सीमाई विवाद है। तिब्बत और अरुणाचल में भी सीमाई हस्तक्षेप कर चीन विवाद खड़ा करता रहता है।
कोरोना वायरस की उत्पति की जांच
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ साथ भारत ने भी यह मांग उठाई और अंतत: चीन इस मांग को स्वीकार करने के लिए सहमत हुआ। विश्व स्वास्थ्य संगठन के 194 सदस्य देशों में से 160 देशों ने इसकी स्वतंत्र जांच की मांग की।


























