प्रेरणास्त्रोत: लोभ से विनाश
सूचना मिलने पर राजा पहुँचा और पुत्र का शव देखकर विलाप करने लगा। तभी वहाँ पहुँचे एक ऋषि ने स्मरण कराया अब कुछ होने का नहीं है। पुत्र की कामना का लोभ उत्तम था। वह लोभ होकर भी लोभ से परे था। तुमने उसमें अप्राकृतिक विधान जोड़ा और ऐसा विलक्षण पुत्र पाया जिसकी रक्षा कठिन हो गई।
बच्चों में पानी पीने की आदत बने इसलिए हर स्कूल में बजे घंटी
यह शुरूआत दक्षिण कन्नड़ जिले के उप्पिनंगडी शहर में इंद्रप्रस्थ स्कूल ने की है। जहां तीन बार ‘‘वॉटर बेल’’ बजती है। पहली घंटी सुबह 10.35 बजे बजती है। दूसरी घंटी दोपहर 12 बजे और तीसरी घंटी 2 बजे बजाई जाती है।
MSG Maha Rahmokaram Month: ”आपको काल नहीं बुलाएगा, आप सत्संग में आते रहो’’
Param Pita Shah Satnam Ji...


























