मीठीबाई क्षितिज-21 डिलीवरी कर्मियों के लिए लाया खुशियाँ, बांटे उपहार

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Mithibai Kshitij-21 Intercollegiate Fest

क्षितिज समिति सदस्यों ने डिलीवरी कर्मियों को किया सम्मानित, दिए गिफ्ट हैम्पर्स

मुंबई (सच कहूँ न्यूज)। भारत में प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शुमार मीठीबाई (मुंबई) कॉलेज न केवल अपने छात्रों को केवल किताबी शिक्षा देता है बल्कि समाज के प्रति जिम्मेवार बनने का भी ज्ञान देता है। इसी तरह मीठीबाई संस्थान के स्टूडेंट्स द्वारा हर वर्ष आयोजित किए जाने वाले प्रसिद्ध कॉलेज फेस्ट ‘मीठीबाई क्षितिज’ अपने साथ सामाजिक सदभाव तथा सकारात्मक बदलाव का सन्देश लेकर आता है। इस वर्ष क्षितिज-21 उत्सव (Kshitij-21 Fest) का उद्देश्य डिलीवरी कर्मियों (Delivery personnel) के साथ समाज में समय-समय पर होने वाले दुर्व्यवहार के प्रति समाज को जागरुक तथा उनके प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना है, यह बात क्षितिज-21 के वाईस चेयरमैन निश्चल शर्मा ने कही।

निश्चल ने आगे बताया कि यह देखा गया है कि समाज जैसे-जैसे शिक्षित हो रहा उसमे डिलीवरी कर्मियों (क्लास-4 श्रेणी) के प्रति सहानुभूति और सकारात्मक भावनाओं की कमी हो रही हैं। पिछला वर्ष कोरोना वायरस के कारण सामाजिक दूरी जैसे विभिन्न दिशा-निर्देश और प्रतिबंधों (नियम) को साथ लेकर आया जिसकी वजह से होम डिलीवरी की मांग में भारी वृद्धि हुई। लेकिन दुर्भाग्य से, डिलीवरी कर्मियों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार में भी वृद्धि उसी अनुपात में हुई। क्षितिज-21, एसवीकेएम (SVKM) के मीठीबाई कॉलेज के अंतर्राष्ट्रीय इंटरकॉलेजिएट सांस्कृतिक उत्सव ने इस अनदेखे पहलू की तरफ समाज का ध्यान आकर्षित करने की बड़ी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली है। एक सांस्कृतिक समिति के रुप में हम समाज को वापस देने में दृढ़ता से विश्वास करते हैं। क्षितिज समिति सदस्यों द्वारा डिलीवरी कर्मियों को उनके द्वारा दी गई सेवाओं के लिए सम्मान के तौर पर उन्हें गिफ्ट हैम्पर्स (Gifts) दिए गए।

Mithibai Kshitij-21 Intercollegiate Fest

रुतुजा जुन्नारकर के साथ तारिणी शाह तथा हरमन सिंघा जैसे प्रभावशाली लोगों ने इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे अपना समर्थन दिया। हरमन सिंघा ने कहा कि यह उचित समय है कि हम सभी इस भेदभाव भरे व्यवहार के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों व डिलीवरी कर्मियों की मेहनत का सम्मान करते हुए उनके प्रति उदार बनें। मीठीबाई कॉलेज की आई/सी प्रिंसिपल डॉ. कृतिका देसाई ने कहा कि मैं क्षितिज टीम की इस पहल का पूरी तरह से समर्थन करती हूं और इस मुद्दे पर जागरुकता बढ़ाने के लिए टीम द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करती हूं। मैं यह भी विशेष रूप से दुनिया के सामने बताना चाहूंगी कि उदारता की एक छोटी सी पहल और एकजुटता समाज में अपने आप में बड़ा परिवर्तन लाने वाली साबित हो सकती है। निश्चल ने बताया कि क्षितिज के अध्यक्ष, यशवी गोटेचा के शब्द पूरी टीम के लिए प्रेरणा का एक निरंतर स्रोत साबित हुए। बता दे इस कॉलेज फेस्ट में सच कहूँ (sachkahoon) मीडिया पार्टनर है।

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