शिक्षा और रोजगार
Surya Grahan: इस दिन छा जाएगा अंधेरा, भारत के वैज्ञानिक समेत दुनिया के वैज्ञानिकों को सताने लगी चिंता!
Surya Grahan 2027: इस दिन छा जाएगा अंधेरा, भारत के वैज्ञानिक समेत दुनिया के वैज्ञानिकों को सताने लगी चिंता!
Surya Grahan: साल 2027 में आसमान में एक बेहद दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। 2 अगस्त 2027 को लगने वाला पूर्ण सूर्य ग्रहण दुनिया के कई हिस्सों में दिन के समय अंधेरा जैसा नजारा पैदा करेगा। इस दौरान चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा और कुछ स्थानों पर कई मिनट तक सूर्य दिखाई नहीं देगा। यही वजह है कि इस सूर्य ग्रहण को लेकर अभी से लोगों में उत्सुकता बनी हुई है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत में भी दिन में रात जैसा अंधेरा छाएगा? आइए जानते हैं इस दुर्लभ सूर्य ग्रहण से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें।
2 अगस्त 2027 को लगेगा दुर्लभ सूर्य ग्रहण
खगोलीय गणनाओं के अनुसार, 2 अगस्त 2027 को पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा। जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है, तो इस स्थिति को पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है।
इस दौरान जिन इलाकों में पूर्ण ग्रहण दिखाई देगा, वहां कुछ समय के लिए दिन में अंधेरा जैसा माहौल बन सकता है। आसमान में सूर्य की रोशनी अचानक कम हो जाएगी और सूर्य के बाहरी वातावरण यानी कोरोना को देखने का अवसर भी मिलेगा।
इस सूर्य ग्रहण की सबसे खास बात इसकी अवधि है। कुछ स्थानों पर पूर्ण ग्रहण करीब 6 मिनट 23 सेकंड तक रह सकता है। इतनी लंबी अवधि इसे 21वीं सदी के सबसे उल्लेखनीय सूर्य ग्रहणों में शामिल करती है।
किन देशों में दिखाई देगा पूर्ण सूर्य ग्रहण?
2 अगस्त 2027 को लगने वाले सूर्य ग्रहण का पूर्णता पथ दुनिया के कई हिस्सों से होकर गुजरेगा। इनमें दक्षिणी स्पेन, उत्तरी अफ्रीका के कुछ देश, सऊदी अरब और यमन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
मिस्र के लक्सर में पूर्ण सूर्य ग्रहण की अवधि करीब 6 मिनट 23 सेकंड तक हो सकती है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सूर्य के पूरी तरह ढक जाने का अद्भुत नजारा देखने को मिल सकता है।
हालांकि, पूर्ण सूर्य ग्रहण हर जगह दिखाई नहीं देता। यह इस बात पर निर्भर करता है कि कोई स्थान चंद्रमा की छाया के किस हिस्से में स्थित है।
क्या भारत में भी दिन में छा जाएगा अंधेरा?
भारत में रहने वाले लोगों के लिए सबसे अहम सवाल यही है कि क्या इस सूर्य ग्रहण के दौरान दिन में रात जैसा अंधेरा होगा। खगोलीय गणनाओं के मुताबिक, भारत में 2 अगस्त 2027 को पूर्ण सूर्य ग्रहण नहीं दिखाई देगा। देश के कुछ हिस्सों में यह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में नजर आएगा।
आंशिक सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य के केवल एक हिस्से को ढकता है। ऐसे में सूर्य का कुछ भाग दिखाई देता रहता है और पूर्ण सूर्य ग्रहण जैसी अंधेरे की स्थिति नहीं बनती।
इसलिए भारत में रहने वाले लोगों को इस दिन सूर्य के पूरी तरह गायब होने का नजारा देखने को नहीं मिलेगा। ग्रहण का समय और सूर्य का कितना हिस्सा ढका हुआ दिखाई देगा, यह शहर और भौगोलिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
साल 2027 में लगेगा एक और सूर्य ग्रहण
साल 2027 में 2 अगस्त के अलावा 6 फरवरी को भी सूर्य ग्रहण लगेगा। यह वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। वलयाकार ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य के सामने आ जाता है, लेकिन वह सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाता। इसके कारण सूर्य के चारों ओर चमकदार छल्ले जैसी आकृति दिखाई देती है, जिसे आमतौर पर रिंग ऑफ फायर कहा जाता है।
हालांकि, 6 फरवरी 2027 का वलयाकार सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। दोनों ग्रहणों की दृश्यता अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रहेगी।
सूर्य ग्रहण देखते समय इन बातों का रखें ध्यान
सूर्य ग्रहण को देखना एक खास अनुभव हो सकता है, लेकिन इस दौरान आंखों की सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
- सूर्य को सीधे नंगी आंखों से न देखें।
- ग्रहण देखने के लिए प्रमाणित सोलर फिल्टर या ISO 12312-2 मानक वाले ग्रहण चश्मे का इस्तेमाल करें।
- सामान्य धूप वाले चश्मे सूर्य की तेज रोशनी से आंखों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त नहीं होते।
- कैमरे, दूरबीन या टेलीस्कोप से सूर्य देखने के लिए उचित सोलर फिल्टर का इस्तेमाल करें।
कुल मिलाकर, 2 अगस्त 2027 का सूर्य ग्रहण अपनी लंबी अवधि और दुर्लभ खगोलीय दृश्य के कारण खास रहने वाला है। दुनिया के कुछ हिस्सों में दिन के समय अंधेरा जैसा नजारा दिखाई देगा, लेकिन भारत में यह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में नजर आएगा।