पर्यावरण संरक्षण की दिशा में गुजरात की साध-संगत का कदम

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भुज (सच कहूँ/गुजरात)। Tree Plantation: पिछले कुछ वर्षों में ग्लोबल वार्मिंग के कारण तापमान में भारी वृद्धि हुई है, जो भविष्य के लिए चिंताजनक संकेत हैं। इस असहनीय गर्मी से मानव और पशु-पक्षियों को बचाने का एकमात्र समाधान अधिक से अधिक पौधे लगाकर धरती की जलवायु को संतुलित करना है। पौधों की हरियाली न केवल तापमान को नियंत्रित करती है, बल्कि यह वायु गुणवत्ता को भी बेहतर बनाती है और जीव-जंतुओं को प्राकृतिक आवास प्रदान करती है। Gujarat News

इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, शाह सतनाम जी अलौकिक धाम, लाकड़िया, कच्छ-भुज (गुजरात) में डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों ने एक व्यापक पौधारोपण अभियान की शुरूआत की। इस अभियान के तहत सैकड़ों अनुयायियों ने मिलकर विभिन्न प्रकार के पौधे रोपे, जिनमें औषधीय पौधे, फलदार वृक्ष, और छायादार वृक्ष शामिल हैं। पौधों की देखभाल के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, ताकि वे सही तरीके से बढ़ सकें और पर्यावरण को स्थायी लाभ पहुंचा सकें।

पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के मार्गदर्शन में अब तक डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों ने 5 करोड़ से अधिक पौधे लगाए हैं। इनमें से लगभग 70 प्रतिशत पौधे आज भी इस धरती की देखभाल कर रहे हैं, जो इस अभियान की सफलता को दर्शाता है। Gujarat News

मानवता के इन संरक्षकों के इस अद्वितीय प्रयास के कारण वृक्षारोपण के क्षेत्र में डेरा सच्चा सौदा के नाम 3 विश्व रिकॉर्ड दर्ज हैं। ये रिकॉर्ड न केवल संख्या में बल्कि गुणवत्ता और पौधों की जीवितता दर में भी अनूठे हैं। डेरा सच्चा सौदा का यह प्रयास पर्यावरण संरक्षण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और अन्य संगठनों और व्यक्तियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इसके अलावा, यह अभियान स्थानीय समुदायों को भी प्रेरित करता है कि वे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक हों और अपनी जीवनशैली में बदलाव लाएं। पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का यह प्रयास न केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करता है। Gujarat News

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