1846 से 2026 तक: कैसे बदलते गए जम्मू-कश्मीर के हालात, जानिए 180 साल का इतिहास

1846 से 2026 तक जम्मू-कश्मीर का इतिहास

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Jammu Kashmir History: जम्मू-कश्मीर भारतीय उपमहाद्वीप का एक ऐसा क्षेत्र रहा है, जिसका इतिहास राजनीतिक, सामाजिक और सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहा है। पिछले 180 वर्षों में इस क्षेत्र ने राजशाही, विभाजन, युद्ध, विशेष संवैधानिक दर्जा और प्रशासनिक पुनर्गठन जैसे कई बड़े बदलाव देखे हैं। आइए जानते हैं 1846 से 2026 तक जम्मू-कश्मीर के इतिहास के प्रमुख पड़ाव।

1846: जम्मू-कश्मीर रियासत की स्थापना

1846 में हुए अमृतसर की संधि के बाद डोगरा शासक गुलाब सिंह ने जम्मू-कश्मीर रियासत की स्थापना की। इसके साथ ही जम्मू, कश्मीर, लद्दाख और गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र एक रियासत के रूप में संगठित हुए।

1947: भारत विभाजन और पहला भारत-पाक युद्ध

1947 में भारत की आजादी और विभाजन के समय जम्मू-कश्मीर एक स्वतंत्र रियासत था। पाकिस्तान समर्थित कबायली हमले के बाद तत्कालीन महाराजा हरि सिंह ने भारत के साथ विलय पत्र (Instrument of Accession) पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद पहला भारत-पाकिस्तान युद्ध हुआ और राज्य का एक हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे में चला गया।

1949-1950: विशेष संवैधानिक व्यवस्था

भारत के संविधान में जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने के लिए अनुच्छेद 370 की व्यवस्था की गई। इसके तहत राज्य को अपना संविधान बनाने और कुछ मामलों में विशेष अधिकार प्राप्त हुए।

1953: शेख अब्दुल्ला की गिरफ्तारी

1953 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख अब्दुल्ला को पद से हटाकर गिरफ्तार कर लिया गया। यह घटना राज्य की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हुई।

1965 और 1971: भारत-पाक युद्ध

जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच 1965 तथा 1971 में युद्ध हुए। इन संघर्षों ने क्षेत्र के सामरिक महत्व को और बढ़ा दिया।

1989: आतंकवाद का दौर

1989 के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और उग्रवाद का दौर शुरू हुआ। इसके कारण हजारों लोगों की जान गई और बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडितों को घाटी छोड़नी पड़ी।

1999: कारगिल युद्ध

1999 में कारगिल युद्ध हुआ, जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़कर महत्वपूर्ण चोटियों पर दोबारा कब्जा किया। यह युद्ध भारतीय सैन्य इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है।

2019: अनुच्छेद 370 समाप्त

5 अगस्त 2019 को भारत सरकार ने अनुच्छेद 370 और 35A को हटाने का फैसला लिया। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त हो गया और राज्य का पुनर्गठन कर दो केंद्र शासित प्रदेश— जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख बनाए गए।

2020-2025: विकास और नई योजनाएं

अनुच्छेद 370 हटने के बाद केंद्र सरकार ने क्षेत्र में सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन से जुड़ी कई परियोजनाएं शुरू कीं। निवेश को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।

2026: नए दौर की ओर जम्मू-कश्मीर

2026 तक जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढांचे के विकास, पर्यटन विस्तार और निवेश को लेकर कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। नई सड़कें, सुरंगें, रेलवे परियोजनाएं और औद्योगिक निवेश क्षेत्र के विकास को नई दिशा दे रहे हैं।

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