अब सेना को हथियार खरीद की खुली छूट

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 सरकार ने दिए असीमित वित्तीय अधिकार

नई दिल्ली (एजेंसी)। चीन के साथ डोकलाम क्षेत्र में गतिरोध और जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से आतंकवादी हमलों में तेजी के बीच सरकार ने सेना को किसी भी तरह की आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए जरूरी हथियारों और गोलाबारूद की खरीद के असीमित वित्तीय अधिकार दिए हैं। सेना के सूत्रों के इसकी पुष्टि की है।

इस संबंधी दो-तीन दिन पहले अधिसूचना जारी की गई। सेना उप प्रमुख को असीमित वित्तीय अधिकार होंगे और वह जरूरत के हिसाब से कितनी भी खरीद कर सकेंगे। मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए सरकार के इस फैसले को बड़ा नीतिगत और महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। अभी तक पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक की खरीद के लिए सुरक्षा मामलों की समिति से मंजूरी लेनी जरूरी थी।

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सूत्रों ने बताया कि मौजूदा जरूरत को देखते हुए यदि इन अधिकारों का इस्तेमाल कर हथियारों और गोला बारूद की खरीद की जाये तो यह 40,000 करोड़ रुपये तक हो सकती है। अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि ये वित्तीय अधिकार राजस्व व्यय के तहत तथा मंत्रालय के बजटीय प्रावधानों के अनुरूप होंगे।

उल्लेखनीय है कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने भी पिछले वर्ष संसद में पेश रिपोर्ट पर सेना के गोला बारूद के भंडार के स्तर पर सवाल उठाए थे। निर्धारित मानदंडों के अनुसार सेना के पास हर समय 30 दिन के ‘भीषण’ और इतने ही दिन के ‘सामान्य’ युद्ध के लिए गोला बारूद का भंडार होना चाहिए।

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