Nurses Protests: महाराष्ट्र में तबादले के आदेश के खिलाफ सड़कों पर उतरी नर्सें
छत्रपति संभाजीनगर में किया प्रदर्शन, तबादला आदेश वापस लेने की उठाई मांग
Nurses Protests: छत्रपति संभाजीनगर। महाराष्ट्र गवर्नमेंट नर्सेज फेडरेशन के नेतृत्व में घाटी अस्पताल की नर्सों ने प्रशासनिक तबादला आदेशों के विरोध में गुरुवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी नर्सों ने सरकार से तबादला प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग करते हुए कहा कि इस निर्णय से कर्मचारियों, खासकर महिला कर्मियों, को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। Maharashtra News
विरोध प्रदर्शन के दौरान नर्सों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि बार-बार होने वाले तबादलों से न केवल कार्यस्थल प्रभावित होता है, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक जीवन पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ता है। हर कुछ वर्षों में स्थानांतरण होने से परिवार की जिम्मेदारियों और बच्चों की देखभाल जैसी समस्याएं और बढ़ जाती हैं।
नर्सेज फेडरेशन महाराष्ट्र की अध्यक्ष इंदुमती ने कहा कि नर्सिंग सेवा में बड़ी संख्या में महिलाएं कार्यरत हैं और उनके तबादले का असर पूरे परिवार पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि कई नर्सों के छोटे बच्चे हैं, वहीं बुजुर्ग माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर होती है। ऐसे में अचानक तबादले उनके लिए व्यावहारिक और सामाजिक दोनों स्तर पर चुनौती बन जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नर्सों पर किसी प्रकार की आर्थिक अनियमितता या भ्रष्टाचार के आरोप नहीं हैं, फिर भी व्यापक स्तर पर तबादले किए जा रहे हैं। Maharashtra News
उन्होंने सरकार से मांग की कि इस निर्णय पर पुनर्विचार कर इसे वापस लिया जाए। प्रदर्शन में शामिल स्टाफ सदस्यों ने भी कहा कि अस्पताल के भीतर पहले से ही समय-समय पर वार्ड स्तर पर आंतरिक तबादले होते रहते हैं। ऐसे में अलग से व्यापक तबादला प्रक्रिया लागू करने का औचित्य समझ से परे है। उनका कहना था कि नर्सिंग सेवा किसी आर्थिक लेन-देन या भुगतान प्रणाली से जुड़ी नहीं है, इसलिए इस तरह के स्थानांतरण की आवश्यकता स्पष्ट नहीं है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि तबादला प्रक्रिया लागू होने से महिला कर्मचारियों और उनके परिवारों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा, इसलिए सरकार को इस विषय पर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। Maharashtra News