शिक्षा और रोजगार
थप्पड़मार कलेक्टर पर सख्त एक्शन, सीएम ने तुरंत प्रभाव से हटाया
रायपुर। युवक को बेवजह थप्पड़ मारने वाले सूरजपुर के कलेक्टर रणबीर शर्मा को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तुरंत प्रभाव से हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं। सीएम बघेल ने ट्विटर के जरिए कहा कि ‘‘सोशल मीडिया के माध्यम से सूरजपुर कलेक्टर रणबीर शर्मा द्वारा एक नवयुवक से दुर्व्यवहार का मामला मेरे संज्ञान में आया है। यह बेहद दुखद और निंदनीय है। ऐसा कोई कृत्य बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर रणबीर शर्मा को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं। मैं नवयुवक व उनके परिजनों से खेद व्यक्त करता हूँ। गौरवकुमार सिंह को सूरजपुर का नया कलेक्टर नियुक्त किया है। आईएएस एसोसिएशन ने भी रणबीर शर्मा के व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उनका व्यवहार बुनियादी शिष्टाचार के खिलाफ है।
सोशल मीडिया के माध्यम से सूरजपुर कलेक्टर रणबीर शर्मा द्वारा एक नवयुवक से दुर्व्यवहार का मामला मेरे संज्ञान में आया है।
यह बेहद दुखद और निंदनीय है। छत्तीसगढ़ में इस तरह का कोई कृत्य कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर रणबीर शर्मा को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं।
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) May 23, 2021
दरअसल शनिवार को यहां लॉकडाउन के बीच एक युवक अपने माता-पिता के लिए दवाई लेने के लिए मेडिकल स्टोर जा रहा था। कलेक्टर ने युवक को न सिर्फ थप्पड जड़ दिया बल्कि उसका मोबाइल तोड़कर सुरक्षाकर्मियों से उसे पिटवाया भी।
https://twitter.com/Anurag_Dwary/status/1396148617686044673
सूरजपुर जिले के पुराना बाजार पारा निवासी साहिल गुप्ता अपनी माँ और पिता की दवाई लेने के लिए मेडिकल स्टोर पर जा रहा था। इसी बीच भैयाथान चौक के पास जिला कलेक्टर रणवीर शर्मा ने उसे रोक लिया। युवक ने कलेक्टर को बताया कि वो दवाई लेने के लिए जा रहा है। अपनी बात की सच्चाई साबित करने के लिए उसने दवाई की पर्ची भी दिखाई। लेकिन कलेक्टर ने मानवीयता को तार-तार करते हुए सीधे चांटा मार दिया और सुरक्षाकर्मियों से कहकर उसको डंडे मरवाए। साहिल के बेबस पिता ने बताया कि उनको और उनकी धर्मपत्नी को कोरोना वैक्सीन लगी है। इस कारण खुद न जाकर बेटे को दवाई लेने के लिए भेजा था। इस बीच कलेक्टर रणवीर शर्मा ने मेरे बेटे के साथ एक व्यवहार किया है। घटना के बाद कलेक्टर रणवीर शर्मा के खिलाफ लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रहा है। गौरतलब है कि जिले में 31 मई तक लॉकडाउन लागू है, लेकिन इसके बावजूद दवाई दुकानों समेत अन्य आवश्यकता सेवा संबंधित दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है। ऐसे में एक जिला कलेक्टर ऐसा व्यवहार किसी भी मायने में उचित नहीं ठहराया जा सकता है।
यदि जनता के रक्षक ही इस तरह की घटिया मानसिकता रखेंगे तो आमजन किससे उम्मीद करेगा। हालांकि घटना का वीडियो वायरल होने के बाद कलेक्टर रणवीर शर्मा ने माफी मांग ली। उन्होंने कहा कि मैं अपने व्यवहार के लिए शर्मिंदा हूँ और आप सभी से माफी मांगता हूँ। मेरी किसी का अपमान की करने की मंशा कतई नहीं थी। इस वक्त पूरा छत्तीसगढ़ कोविड महामारी से जूझ रहा है। लोगों का जीवन बचाने में लिए हम दिन-रात एक कर रहे हैं। मेरे माता-पिता और मैं खुद कोविड संक्रमण से ग्रसित हो गए थे। माताजी अभी भी पॉजिटिव हैं। वीडियो में जो व्यक्ति है, उनकी आयु 23 वर्ष है। मैं आप सभी से फिर से माफी मांगता हूँ।
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