शिक्षा और रोजगार
Fraud Alert: विदेश में नौकरी का झांसा देकर दो लाख रुपए ठगने का आरोप
लक्जमबर्ग वर्क परमिट दिलाने का दिया था भरोसा, महीनों तक टालमटोल के बाद बंद किए फोन
हनुमानगढ़। विदेश में नौकरी और वर्क परमिट वीजा दिलाने का झांसा देकर दो लाख रुपए की कथित ठगी करने का मामला सामने आया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर टाउन थाना पुलिस ने मोहाली स्थित एक कंसल्टेंसी फर्म से जुड़े चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, नई आबादी, गली नंबर 8, वार्ड नंबर 26 निवासी जयभगवान सोनी पुत्र मनीराम सोनी ने न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया।
परिवाद में वीएमओ कंसल्टेंट्स (फेज-10, सेक्टर-64, एसएएस नगर, मोहाली, पंजाब) से जुड़े आकाश, प्रीति, विक्रम और मानव को नामजद किया गया है। परिवादी ने बताया कि अक्टूबर 2024 में फेसबुक पर विदेश में नौकरी और वर्क परमिट वीजा उपलब्ध कराने संबंधी एक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने पर आरोपित आकाश ने दावा किया कि वह लक्जमबर्ग का तीन वर्ष का वर्क परमिट वीजा दिला देगा, जहां नौकरी मिलने पर प्रति माह 3160 यूरो वेतन मिलेगा। इसके लिए कुल चार लाख रुपए खर्च होने की बात कही गई।
शिकायत के अनुसार, आरोपितों ने लगातार फोन कर भरोसा दिलाया और 27 नवंबर 2024 को जयभगवान सोनी को मोहाली बुलाया। वहां पासपोर्ट, दसवीं की अंकतालिका, आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज जमा कराए गए। बाद में वीजा प्रक्रिया शुरू होने का दावा करते हुए एक लाख रुपए जमा कराने के लिए कहा गया। परिवादी ने आरोप लगाया कि उसने पहले 50 हजार रुपए नकद दिए और कुछ समय बाद आरोपित आकाश, विक्रम और उनका ड्राइवर हनुमानगढ़ आकर शेष 50 हजार रुपए भी ले गए। इसके बाद वीजा प्रक्रिया आगे बढ़ने का हवाला देकर अलग-अलग तिथियों में यूपीआई के माध्यम से एक लाख रुपए और जमा करवा लिए। इस तरह आरोपितों को कुल दो लाख रुपए दिए गए।
परिवादी के अनुसार, आरोपितों ने तीन माह में वर्क परमिट वीजा जारी कराने का भरोसा दिया था, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी वीजा जारी नहीं कराया गया। लगातार संपर्क करने पर हर बार प्रक्रिया चलने का बहाना बनाया जाता रहा। करीब सात-आठ महीने बाद जब परिवादी अपने परिचित मनिन्द्र सिंह के साथ दोबारा मोहाली पहुंचा और वीजा या रुपए वापस मांगे, तब आरोपितों ने कथित रूप से गाली-गलौज की।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपितों ने कहा कि उनका काम लोगों से ठगी कर रुपए हड़पना है और अब जो करना है कर लो। टाउन थाना पुलिस ने न्यायालय से प्राप्त परिवाद के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्रकरण की जांच सहायक उप निरीक्षक नरेश कुमार को सौंपी गई है। पुलिस आरोपों की जांच कर लेन-देन, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।