Fraud: ईंट भट्ठे की साझेदारी में लाखों की धोखाधड़ी

6.90 लाख रुपए की ठेका राशि हड़पने, भट्ठे का सामान बेचने और डेढ़ लाख तैयार ईंटें गायब करने का आरोप

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हनुमानगढ़। गोलूवाला थाना क्षेत्र में साझेदारी में संचालित ईंट भट्ठे से जुड़े लाखों रुपए के कथित गबन और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। साझेदारों की शिकायत पर गोलूवाला थाना पुलिस ने एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार सुरेन्द्र कुमार (42) पुत्र अर्जुनदास स्वामी निवासी वार्ड नंबर 15, गोलूवाला निवादान तथा सुखपाल सिंह पुत्र रणजीत सिंह सोनी ने थाने में रिपोर्ट दी। Hanumangarh News

रिपोर्ट में बताया गया कि वर्ष 2013 में उन्होंने विजय सिंह पुत्र रणजीत सिंह पूनिया, जसकरण सिंह पुत्र कमीर सिंह निवासी कान्हेवाला, सुरेन्द्र कुमार और सुखपाल सिंह के साथ मिलकर पंचमुखी ईंट उद्योग नाम से चक 25 जेआरके में ईंट भट्ठा स्थापित किया था। इसमें सतवीर सिंह पुत्र नागेन्द्र सिंह निवासी कान्हेवाला हाल साहबसिंहवाला भी साझेदार था। उस समय सतवीर सिंह के पिता नागेन्द्र सिंह की चक 25 जेआरके स्थित कुल तीन बीघा भूमि 60 हजार रुपए प्रतिवर्ष की दर से 15 वर्ष (2013 से 2028) के लिए विधिवत लिखित अनुबंध एवं नोटरी के माध्यम से लीज पर ली गई थी।

इसके अलावा रणजीत सिंह, मलकीत सिंह और कश्मीर सिंह की करीब 11 बीघा भूमि भी लिखित अनुबंध के आधार पर लीज पर ली गई थी। 5 अगस्त 2021 को सतवीर सिंह ने अन्य साझेदारों की जानकारी और विश्वास का लाभ उठाते हुए पूरे ईंट भट्ठे को भूमि सहित तथा उसमें लगे ट्रैक्टर, ट्रॉली, टैंकर, जनरेटर, ईंट बनाने की मशीन एवं अन्य उपकरणों सहित रोहित शर्मा निवासी भट्ठा कॉलोनी, हनुमानगढ़ और रामगोपाल पुत्र रामदेव कुम्हार निवासी वार्ड नंबर 10, डबलीराठान को 4.05 लाख रुपए प्रतिवर्ष के हिसाब से चार वर्ष के ठेके पर दे दिया। उसने भरोसा दिलाया कि ठेका राशि में सभी साझेदारों का हिस्सा समय-समय पर देता रहेगा। Hanumangarh News

वर्ष 2021-22 और 2022-23 का हिस्सा तो दे दिया गया, लेकिन 2023-24, 2024-25 और 2025-26 की ठेका राशि में साझेदारों का हिस्सा जानबूझकर नहीं दिया गया। बाद में पता चला कि सतवीर सिंह ने रोहित शर्मा, रामगोपाल तथा उसके भाई राजेश कुम्हार से मिलीभगत कर साझेदारों के हिस्से की करीब 6.90 लाख रुपए की ठेका राशि हड़प ली। सतवीर सिंह ने बिना साझेदारों की सहमति के पहले फर्म का नाम महादेव ईंट उद्योग और बाद में जीएमडी भट्ठा रखकर संचालन शुरू कर दिया।

साथ ही जीएसटी जमा नहीं किया, भट्ठे का सामान खुर्द-बुर्द कर दिया अथवा चोरी-छिपे बेच दिया तथा करीब डेढ़ लाख तैयार ईंटें भी गायब कर दीं। उक्त भट्ठे से प्रतिवर्ष लगभग 20 लाख रुपए की आय होती थी, लेकिन शिकायतकर्ताओं को उनके हिस्से से वंचित रखा गया। जब उन्होंने अपना हिस्सा और भट्ठे का सामान मांगा तो आरोपी ने कथित रूप से रुपए और सामान हड़पने की बात कहते हुए धमकी दी कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। गोलूवाला थाना पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच सहायक उपनिरीक्षक श्रीभगवान को सौंपी है। पुलिस ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। Hanumangarh News

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