Lightning Strike Incident: प्रकृति के रौद्र रूप के आगे किसी की एक ना चली! चित्तौड़गढ़ में दादा-दादी और पौत्र की दर्दनाक मौत

आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत

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Lightning Strike Incident: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)। प्रकृति जब अपना रौद्र रूप दिखाती है, तो वो किसी पर भी रहम नहीं खाती। ऐसी ही एक हृदयविदारक घटना राजस्थान के चितौड़गढ़ जिले के कनेरा थाना क्षेत्र के गांव लुनखन्दा से सामने आई है, जहां एक ही परिवार के तीन लोगों की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतकों में दादा, दादी और उनका पौत्र शामिल हैं। मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जहां मंगलवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। Chittorgarh News

कनेरा थाने के एएसआई महेंद्र ने इस घटना के बारे में पूरी जानकारी दी। उनके मुताबिक, यह सभी खेत में ही बने झोपड़ी में रहकर अपने फसल की निगरानी कर रहे थे। ये फसल की रखवाली के लिए गांव से करीब दो किलोमीटर दूर अनोपपूरा - सुखानंदजी मार्ग स्थित खेत पर रुके थे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार रात क्षेत्र में तेज बरसात के साथ तेज आवाज के साथ आकाशीय बिजली झोपड़ी पर गिरी, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

बताया गया कि मृतक बद्रीलाल और इसका पुत्र खेत पर अलग-अलग झोपड़ों में रहते हैं। हादसे के समय बद्रीलाल, पत्नी चंद्रीबाई और पौत्र विशाल एक ही झोपड़ी में सोए हुए थे। तेज धमाके की आवाज सुन कर पास की झोपड़ी में सोया पुत्र और बहू दौड़कर आए। अंदर जाकर देखा तो तीनों के शरीर से धुआं निकल रहा था। इसके बाद बेटे ने ग्रामीणों को सूचना की। सूचना मिलने पर ग्रामीण और रिश्तेदार मौके पर आए। तीनों को तुरंत कनेरा सीएचसी ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।

उधर, मिली जानकारी के मुताबिक, सूचना मिलते ही कनेरा थाने के एएसआई महेंद्र मय जाप्ता मौके और अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने तीनों के शव कनेरा सीएचसी की मोर्चरी में रखवाए हैं। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम मंगलवार को किया जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। Chittorgarh News

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