केंद्रीय कैबिनेट ने अमरावती में नए आधुनिक सरकारी कार्यालय व आवासीय परिसर के निर्माण को दी मंजूरी

केंद्रीय सरकारी कार्यालयों को एक ही परिसर में लाना और कर्मचारियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना उद्देश्य

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Amaravati Development Project: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में बुधवार को आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती में केंद्रीय सरकारी कार्यालयों और कर्मचारियों के लिए बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास को मंजूरी दे दी गई। Andhra Pradesh News

कैबिनेट ने सेंट्रल गवर्नमेंट जनरल पूल ऑफिस अकॉमोडेशन (सीजीजीपीओए) और जनरल पूल रेजिडेंशियल अकॉमोडेशन (जीपीआरए) परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य केंद्रीय सरकारी कार्यालयों को एक ही परिसर में लाना और कर्मचारियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। 

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सरकार अमरावती में 5.53 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक केंद्रीय कार्यालय परिसर का निर्माण करेगी। इस परियोजना के तहत दो बड़े कार्यालय भवन बनाए जाएंगे। एक भवन में ग्राउंड फ्लोर समेत 13 मंजिलें होंगी, जबकि दूसरे भवन में ग्राउंड फ्लोर समेत 10 मंजिलें बनाई जाएंगी। दोनों इमारतों में कार्यालयों के साथ पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

करीब 23.25 लाख वर्गफुट निर्मित क्षेत्र वाले इस परिसर में लगभग 8,000 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। साथ ही करीब 1,800 वाहनों की पार्किंग की सुविधा भी विकसित की जाएगी। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1,299.08 करोड़ रुपए है, जिसे केंद्र सरकार बजटीय सहायता के माध्यम से वित्तपोषित करेगी। सरकार का मानना है कि विभिन्न केंद्रीय विभागों को एक ही परिसर में लाने से विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी। इससे आंध्र प्रदेश के नागरिकों को भी केंद्र सरकार की सेवाएं अधिक प्रभावी और सुगम तरीके से मिल सकेंगी। Andhra Pradesh News

बयान में आगे कहा गया है कि यह ऑफिस परिसर आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। भवनों को ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण और टिकाऊ निर्माण तकनीकों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जाएगा। परियोजना का लक्ष्य जीआरआईएचए 4-स्टार रेटिंग प्राप्त करना है और यह एनर्जी कंजर्वेशन एंड सस्टेनेबल बिल्डिंग कोड (ईसीएसबीसी) 2024 के मानकों का पालन करेगी।

परिसर में बैंक, एटीएम, डाकघर, क्रेच, मनोरंजन कक्ष, महिला विश्राम कक्ष, 100 सीटों वाला कॉन्फ्रेंस हॉल, 500 सीटों वाला मल्टीपर्पज हॉल और चार कैंटीन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए परिसर को पूरी तरह बाधा-रहित बनाया जाएगा।

इसके अलावा, कैबिनेट ने अमरावती में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जनरल पूल रेजिडेंशियल अकॉमोडेशन (जीपीआरए) परियोजना को भी मंजूरी दी है। यह अमरावती और पूरे आंध्र प्रदेश में अपनी तरह की पहली परियोजना होगी, जिसका उद्देश्य केंद्रीय कर्मचारियों को बेहतर और किफायती आवास उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी कार्यक्षमता और जीवन स्तर में सुधार हो सके। Andhra Pradesh News

  • यह आवासीय परियोजना 17 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी। इसके तहत 11 आवासीय टावरों में कुल 1,504 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाएगा। इनमें विभिन्न श्रेणियों के सरकारी आवास शामिल होंगे। परिसर में करीब 1,972 कारों की पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
  • इस परियोजना का कुल निर्मित क्षेत्र लगभग 31.30 लाख वर्गफुट होगा। परियोजना की अनुमानित लागत 1,234.91 करोड़ रुपये रखी गई है, जिसका वित्तपोषण भी केंद्र सरकार करेगी।
  • नए आवासीय परिसर में बैंक, एटीएम, डाकघर, क्रेच, सामुदायिक भवन, फूड कोर्ट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सर्विस सेंटर और गेस्ट हाउस जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा दिव्यांगजनों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए परिसर को पूरी तरह सुलभ बनाया जाएगा।
  • यह परियोजना भी ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप विकसित की जाएगी और जीआरआईएचए 4-स्टार रेटिंग, ईसीएसबीसी 2024 तथा इको निवास संहिता (ईएनएस) 2024 के दिशा-निर्देशों का पालन करेगी।
  • दोनों परियोजनाओं के निर्माण से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। निर्माण कार्य के दौरान हर वर्ष लगभग 7 लाख मानव-दिवस (मैन-डे) रोजगार सृजित होंगे। वहीं परियोजनाओं के संचालन के दौरान भी हर साल करीब 50,000 मानव-दिवस रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। Andhra Pradesh News

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