Punjab Grain Lifting Scam: पूर्व मंत्री आशु के करीबी इंदी को हाईकोर्ट से झटका

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-अग्रिम जमानत याचिका की रद्द | Punjab Grain Lifting Scam

-मंत्री के घर से बैग लेकर भागा था आरोपी : विजीलेंस

सच कहूँ/रघबीर सिंह
लुधियाना। बहुचर्चित अनाज ढुलाई घोटाले (Punjab Grain Lifting Scam) में नामजद इंद्रजीत सिंह इंदी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने इंदी की अग्रिम जमानत याचिका रद्द कर दी है। इंदी को विजिलेंस ने इस घोटाले में नामजद किया था और उसकी तरफ से जिला सेशन कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने पर हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी। जज राज मोहन की अदालत ने यह याचिका रद्द कर दी है। विजिलेंस का आरोप है कि पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु की गिरफ्तारी के बाद जब विजिलेंस की टीम भारत भूषण आशु के घर पर पहुंची तो वहां पर से इंद्रजीत सिंह इंदी एक बैग लेकर फरार हुआ था। जिसकी सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है। इसी आधार पर इंदी को नामजद किया गया था। यही नहीं इंदी पर आरोप है कि वह पूर्व कैबिनेट मंत्री के पीए के तौर पर काम करता रहा है।

गौरतलब है कि अनाज घोटाले में पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु सहित कई आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस मामले में आशु इस समय पटियाला सेंट्रल जेल में सजा काट रहे हैं। आशु पर अनुचित तरीके से ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का आरोप है। विजिलेंस का आरोप है है कि इंदी के साथ मीनू मल्होत्रा भी इस घोटाले में शामिल है। उसके जरिए ही पैसों लेनदेन हुआ था। पंजाब विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान यह मामला काफी गर्माया था।

पंजाब के पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु की गिरफ्तारी के बाद घोटाले से संबंधित 3 फाइलें गायब हो गई थी। इसको लेकर शहर में काफी चर्चा हुई थी। आशु पर अनाज ढुलाई के टेंडर नियमों को बदल कर अपने करीबियों को लाभ पहुंचा कर करोड़ों रुपए का घोटाले करने का आरोप है। यह फाइलें पूर्व खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री भारत भूषण आशु और विभाग के बर्खास्त डिप्टी डायरेक्टर राकेश सिंगला से संबंधित है।

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