किताबी ज्ञान के साथ हुनर भी जरूरी, विद्यार्थियों में 14 कौशल विकसित करने का मंच बना 'प्रबल'

हनुमानगढ़ के 4 विद्यार्थी राज्य स्तरीय प्रबल प्रतियोगिता के लिए चयनित

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Prabal Competition Hanumangarh: हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर के तत्वावधान में समग्र शिक्षा हनुमानगढ़ की ओर से गांव जोड़कियां स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रबल कार्यक्रम का मंगलवार को समापन हुआ। 12 व 13 अक्टूबर को आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन किया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में शामिल 14 प्रतिभागियों में से चार विद्यार्थियों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया है। ये चारों विद्यार्थी राज्य स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में हनुमानगढ़ जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान नाट्य प्रदर्शन, भाषण एवं आशु भाषण, पैनल चर्चा और फोकस ग्रुप चर्चा जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अभिव्यक्ति, संवाद और अन्य जीवनोपयोगी कौशल विकसित करने पर जोर दिया गया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी पन्नालाल कड़ेला ने कहा कि केवल किताबी ज्ञान से काम नहीं चलेगा, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के पास कम से कम एक कौशल होना आवश्यक है। विद्यार्थियों को विभाग के निर्धारित 14 कौशलों में से चार-पांच कौशलों में दक्षता हासिल करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पीएम श्री विद्यालयों में विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए इस तरह के मंच उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा की सुविधा भी है, जिसके माध्यम से विद्यार्थी विभिन्न कौशल अर्जित कर सकते हैं। कड़ेला ने कहा कि विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अभिव्यक्ति और सम्प्रेषण जैसे कौशल विकसित होना जरूरी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की अवधारणा भी यही है कि प्रत्येक व्यक्ति के पास कोई न कोई हुनर अवश्य होना चाहिए। यह हुनर बोलने, नेतृत्व करने अथवा किसी अन्य क्षेत्र से संबंधित हो सकता है। जब विद्यार्थी किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल भी हासिल करेंगे, तभी शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा।

विद्यालय के प्रधानाचार्य पवन कौशिक ने बताया कि जिला स्तरीय कार्यक्रम से पहले विद्यालय और ब्लॉक स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जा चुकी थीं। जिले के सात ब्लॉकों से दो-दो विद्यार्थियों, एक बालक और एक बालिका, का चयन कर जिला स्तरीय कार्यक्रम में शामिल किया गया। इस प्रकार कुल 14 प्रतिभागियों ने जिला स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

उन्होंने बताया कि प्रबल कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में विभाग की ओर से निर्धारित 14 कौशलों का विकास करना है। विद्यार्थी अपनी प्रतिभा और अनुभवों को अन्य विद्यार्थियों के साथ साझा करते हैं, जिससे उनमें इन कौशलों को सीखने और विकसित करने की क्षमता बढ़ती है। यह कार्यक्रम पीएम श्री विद्यालयों की गाइडलाइंस और उनकी मूल अवधारणाओं को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

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