दशहरे पर पूज्य गुरु जी के वचन

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दशहरे का पावन पर्व आज , रावण का होगा हर जगह दहन | Dussehra 2025

चंडीगढ़ (एमके शायना)। दशहरा यानी विजयदशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। दशमी तिथि पर भगवान राम ने रावण का वध कर दिया था और सीता माता को वापस लेकर आए थे जिसकी खुशी में हर दशहरे (Dussehra 2025) का त्यौहार मनाया जाता है। दशहरा आज है। आज देश भर में रावण दहन होगा। दशहरे का पर्व पूरे देश में धूमधाम से आज मनाया जा रहा है। नवरात्र समाप्त होते ही आज दशहरे का पर्व आ चुका है, इसे विजयदशमी नाम से भी जाना जाता है। बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में दशहरा पर्व मनाया जाता है। हर त्यौहार हमें उच्च शिक्षा देकर जाता है जिस पर चलकर हमें समाज में बदलाव लाने होते हैं।

Dussehra

दशहरा पर्व भी कुछ ऐसा ही है जो हमें सच्चाई और अच्छाई पर चलने की प्रेरणा देता है। परंतु इस दिन भी बहुत से लोग शराब पीते हैं, जुआ खेलते हैं, मांस खाते हैं और बुरे कर्म करते हैं जो कि सरासर गलत है। दशहरा कैसे मनाना चाहिए कि जिससे भगवान राम भी खुश हो जाएं और प्रभु की सृष्टि का भला हो, इन्हीं बातों को समझाते हुए एक सत्संग में पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने फरमाया कि, आज जैसे दशहरा है तो आप सबको दशहरा बहुत बहुत मुबारक हो, बहुत बहुत आशीर्वाद। तो ये त्योहार है, त्योहार को अगर त्योहार के ढंग से मनाओ, तो मजा आ जाए यह अच्छाई की, सच्चाई की, बुराई-झूठ पर जीत का दिन है, इस दिन को आप घर परिवार के साथ खुशी से मनाएं, अच्छे करम करने का संकल्प करें।

विजयदशमी पर्व आज, दोपहर 12.15 पर निकलेगी शोभायात्रा

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