पूज्य गुरु जी ने वर्ष 2026 में करवाए ये प्रण.. हर श्रद्धालु को जाननी चाहिए ये बातें....

पूज्य गुरु जी ने वर्ष 2026 में करवाए ये प्रण..  हर श्रद्धालु को जाननी चाहिए ये बातें....

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Saint Ram Rahim News: पूज्य गुरु जी ने वर्ष 2026 में करवाए ये प्रण.. हर श्रद्धालु को जाननी चाहिए ये बातें....

सरसा। जीवन में वास्तविक परिवर्तन केवल विचारों से नहीं, बल्कि संकल्पों से आता है। इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने वर्ष 2026 (जनवरी-फरवरी, मई-जून) में संगत को ऐसे प्रण करवाए, जो व्यक्ति के चरित्र निर्माण के साथ-साथ समाज में प्रेम, भाईचारा, सेवा और सद्भाव की भावना को मजबूत करने का संदेश देते हैं। यदि इन संकल्पों को जीवन में अपनाया जाए, तो एक बेहतर समाज का निर्माण संभव है। आइए जानते हैं कि इस वर्ष पूज्य गुरु जी ने कौन-कौन से प्रण करवाए और उनका क्या महत्व है।

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वचन- मालिक आपको सुख-शांति, खुशनसीबी की तरफ लेकर जाए और आपकी हर जायज माँग सतगुरु जल्दी से जल्दी पूरी करे। 
2. 8.1.2026 का प्रण: बेशक कोई हमसे ईर्ष्या करे, हम किसी से ईर्ष्या नहीं करेंगे। सिर्फ सतगुरु के बनकर रहेंगे।
वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया कि कोई भी क्षेत्र ईर्ष्या से अछूता नहीं है यहाँ तक कि रूहानियत में भी लोग एक-दूसरे से ईर्ष्या करते हैं। कई बार कुछ ऐसा कर देते हैं जो बिल्कुल ही गलत होता है।
3. 9.1.2026 का प्रण: अपनी गलती को छुपाने के लिए झूठ नहीं बोलेंगे।
वचन- मालिक आपको गलती न करने की ताकत दे ताकि झूठ बोलने का चक्कर ही न पड़े। आप अच्छाई करते जाएँ पर ऐसा नहीं होता कि गलती नहीं होती। इन्सान गलती करता है, गलती करके मानना कोई छोटी बात नहीं है। बच्चे तो मान लेते हैं बड़े जल्दी से नहीं मानते।
4. 11.1.2026 का प्रण: सतगुरु की बात को दिल से सुनेंगे व मानेंगे। वचनों को कभी अन्यथा नहीं लेंगे।
वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया कि ऐसा करने से मालिक भी आप को खुशियों की कोई कमी नहीं छोड़ेगा। 
5.15.1.2026 का प्रण: ‘‘मालिक तेरा शुक्राना! आज मैं जिंदा हूँ।’’ यह सोचकर दिन की शुरूआत 5-10 मिनट सुमिरन करके पूरे जोश से करेंगे।
6.16.1.2026 का प्रण: लंगर सतगुरु की नियामत मानकर पूरी श्रद्धा से ग्रहण करेंगे, वेस्टेज नहीं करेंगे। ताकि सतगुरु से आशिकी बढ़े।
वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया जितना लंगर खाया है उतनी सेवा भी रोजाना करेंगे।
7. 17.1.2026 का प्रण: व्यवहार व लेन-देन में सच्चे व ईमानदार बनेंगे।
वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया कि एक सत्संगी को हमेशा ही अपने व्यवहार व लेन-देन का सच्चा व ईमानदार होना चाहिए।
8. 18.1.2026 का प्रण: अपने ज्ञान का अहंकार नहीं करेंगे एवं विनम्रतापूर्वक दूसरों के साथ अपने ज्ञान को बाँटेंगे।
वचन - अंदरूनी खुशी नहीं बांटनी है आपको जो अच्छा ज्ञान है जिससे किसी का भला हो जाए वह ज्ञान बांटना चाहिए पर ज्ञान वहाँ बाँटना चाहिए जहाँ कद्र हो। भैंस के आगे बीन बजाए भैंस बैठी पगुराए। कहीं आप पंगा ले लो और किसी को बताओ तो वह कहे मेरा तो नुकसान करवा दिया। वहाँ बताओ जहाँ कोई सुनने वाला हो। एक बन्दे ने किसी खेत वाले को बताया कि ताऊ, ये काम ऐसे नहीं होता। वह कहने लगा कि ‘अरे! तू कितना पढ़ा है?’ उसने कहा मैं बी0ए0 हूँ। ताऊ हँस पड़ा उसने कहा ‘‘हँसें क्यों?’’ ताऊ ने कहा ‘‘अरे! दो अक्षर पढे़ वो भी उल्टे। ए, बी होता है बी, ए थोड़ा ना।’’ तो ऐसे पंगा ना ले लेना भाई इसलिए ये हमने साथ लगा दिया कि ज्ञान जरूर दो पर जहाँ लेने वाला हो। 
9. 20.1.2026 का प्रण: गुस्सा किसी और पर निकालने की बजाए अपने पिल्लो (तकिए) पर निकालेंगे।
वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया कि आप अकेले एकांत में जाकर अपनी भड़ास निकाल सकते हैं जैसे बाथरूम में, पिल्लो पर मुक्के मार कर निकाल लिया करो। 
10. 21.1.2026 का प्रण: सेवा के दौरान यह ध्यान रखेंगे कि डेरे का एक पैसे का भी नुकसान ना हो। 
वचन - हम चाहते हैं कि आप घर में भी ध्यान रखना कि आपके घर का नुकसान न हो और डेरे का भी नुकसान न हो क्योंकि घर में भी आप अगर सही तरीके से चलोगे तो बरकतें ही बरकतें और तन, मन, धन से आप सेवा कर पाओगे। 
11.    22.1.2026 का प्रण: जितना हो सके अपना काम स्वयं करेंगे। 
वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया कि हम तो शुरू से ही अपने सभी काम स्वयं करते हैं। 
12.    24.1.2026 का प्रण: घर में खाना व डेरे में लंगर सुमिरन करते हुए बनाएंगे।
वचन - अगर आप ऐसा कर लो तो वारे न्यारे हो जाएंगे। यह बहुत बड़ी बात है आप जरूर करना। भगवान करे उसमें बरकत आए, आप में क्रोध कम हो जाए, टैंशन कम हो जाए जो नाक चढ़ा रहता है वो लैवल पर आ जाए यानि जिसके गुस्सा नाक पर रहता है नाक से उड़ जाए।
13.    25.1.2026 का प्रण: खुद का मन सेवा-सुमिरन में लगाएंगे व अगर किसी दूसरे का मन हावी है तो उसकी गलतफहमियां दूर करके मालिक से जोड़ने की कोशिश करेंगे।
वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया आशीर्वाद! मालिक आपको खुशियों से नवाजे। एक बिछुडे़ को माँ से मिलाने जैसा कोई और पुण्य नहीं है। 
14.    29.1.2026 का प्रण: किसी भी बात पर तुरन्त गुस्से में रिएक्ट नहीं करेंगे । धैर्य से जवाब देंगे। 
15.    30.1.2026 का प्रण: सेवा बढ़-चढ़कर करेंगे । सेवा को अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे।
वचन- जोर-शोर से सेवा करना भगवान मेवा देगा। घर-परिवार में खुशियाँ आएंगी और काम-धन्धे में तरक्की होगी। 
16.    31.1.2026 का प्रण: कभी ये नहीं सोचेंगे कि मैंने बहुत काम कर लिया, मैं थक गया बल्कि ये सोचेंगे कि अभी तो और काम करना है ताकि कभी थकावट ही न आए।
वचन - प्रण पर अमल करना। कई लोगों की आदत है यहाँ मजलिस से उठते ही ऐसा कहने की। कई तो बैठे-बैठे ठण्ड से जुड़ जाते हैं। अभी पता चल जाएगा कि कितना अमल करते हो। मजलिस से उठते वक्त यह कहो कि अहा! मजा आ रहा है। अपने आपको अभी से बदलना होगा। बुल्ले शाह वाली बात ही याद आती है कि ‘‘मन दा की समझौना, इधरों पुट्ट के, उधर लौणा।’’ हमेशा पॉजिटिव रहो। 
17.    4.2.2026 का प्रण: कोई भी नेक कार्य के लिए टालमटोल नहीं करेंगे, काम समय पर तुरंत करेंगे। 
18. 5.2.2026 का प्रण: जब भी परिवार में कोई हम पर गुस्सा करे तो हम उल्टा उस पर गुस्सा होने की बजाए प्यार से दीनता से हाथ जोड़कर नारा बोलेंगे। 
वचन- अगर आप ऐसे गुस्सा कर बैेठे, कोई बात नहीं जैसे ही आप पर कोई गुस्सा होना शुरू हुआ और आपने कहा, ‘‘धन-धन सतगुरू तेरा ही आसरा’’ हो सकता है इससे सामने वाले का गुस्सा ही टल जाए। 
19.    6.2.2026 का प्रण: बच्चों को समझाने के लिए खुद उदाहरण बनकर पेश आएंगे।
20.    8.2.2026 का प्रण: अगर कोई हमें हमारी गलती बताता है तो हम उसका बुरा नहीं मानेंगे बल्कि गलती को सुधारेंगे। 
21.    27.5.2026 का प्रण: जब भी एक-दूसरे को मिलेंगे तो उनसे ‘‘सेवा-सुमिरन व मालिक से प्यार कैसा है?’’ जरूर पूछेंगे।
वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया कि अगर आप ऐसा पूछोगे तो दूसरे को बताने के लिए आप खुद भी सुमिरन करने लगोगे। 
22. 28.5.2026 का प्रण: अगर किसी अति जरूरतमंद गरीब को उधार दिया है, तो पैसा वापिस लेते समय, ब्याज छोड़कर सिर्फ मूल धन वापिस लेंगे ताकि उस पर बोझ न पड़े।
वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया कि लगभग 1974-75 में पूज्य बापू जी और हमने सूरांवाली गाँव के एक गरीब परिवार की लड़की की शादी में 200 रुपये की आर्थिक मदद की जो उनके वापिस करने पर भी हमने नहीं लिए।
23. 29.5.2026 का प्रण: सेवा के दौरान ड्यूटी ठोक कर देंगे। गुस्सा नहीं करेंगे, मीठा बोलेंगे। अकड़ूचंद, मकड़ूनाथ, आगड़े व बाघड़े नहीं बनेंगे।
वचन - पूज्य पिता जी ने फरमाया अब सभी खासकर बच्चे इन सेवादारों को इस तरह देखेंगे कि हां, ये वो हैं यानि आगड़े, बाघड़े हैं या फिर अकड़ूचंद, मकड़ूनाथ हैं।
24. 30.5.2026 का प्रण: पक्षियों के लिए दाना व पानी के कसोरे रखेंगे व उसमें नियमित पानी डाला करेंगे। 
वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया, यह बहुत दया भावना का काम है। हमने भी तेरावास में 36 कसोरे रखवाए हैं। 
25. 31.5.2026 का प्रण: जब तक बहुत ज्यादा जरूरी ना हो, नामचर्चा सत्संग में एक-दूसरे से बात नहीं करेंगे। चुप रहकर अनमोन वचन व शब्दवाणी सुनेंगे।
वचन- सत्संग में चुपचाप बैठकर सत्संग सुनोगे तो बहुत कुछ प्राप्त करोगे।
26. 2.6.2026 का प्रण: वॉकिंग व रनिंग करते समय साथ-साथ सुमिरन करेंगे। 
वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया - पुण्य का पुण्य साथ में फलियाँ। एक्सरसाइज भी हो जाएगी और सुमिरन भी बनेगा। 
27. 4.6.2026 का प्रण: हम डेरे के आॅफिशियल चैनलों को ही फॉलो करेंगे। डेरे व अन्य  नाम से बने फेक पेज व चैनल को अनफॉलो करेंगे व उनकी जानकारी को किसी से शेयर नहीं करेंगे। 
वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया फोलो करते ही सत्संग जैसी खुशियों का अहसास आपको होना शुरू हो जाएगा। 
28. 6.6.2026 का प्रण: दूसरों को सलाह देने से पहले खुद नेक-अच्छे कर्म करेंगे व उदाहरण बनेंगे। 
वचन - पूज्य पिता जी ने फरमाया जरूरत पड़े तो सलाह भी जरूर देनी चाहिए अगर आपको तजुर्बा है। हम तो आपको सलाह देते ही रहते हैं। आप कितनी मानते हो आप पर डिपैन्ड है। जहाँ जरूरी हो वहाँ सलाह दे भी सकते हो।
29. 7.6.2026 का प्रण: जिस तरह रोज सुबह बाहर की सफाई करते हैं उसी तरह रोज रात को दिल की सफाई करेंगे। अगर किसी ने हमारे साथ बुरा किया है तो उसे भुलाकर हर रोज नया दिन शुरू करेंगे। 
वचन - पूज्य पिता जी ने फरमाया एक बच्चे ने शेयर सुनाया था - ‘‘मैंने आप जी का वचन मानकर किसी से माफी माँगी और किसी को माफ कर दिया। वाह! मालिक यह तो आप जी ने मेरी जिन्दगी को बड़ा आसान कर दिया।।’’
30. 11.6.2026 का प्रण: आपस में कितनी भी बड़ी बात क्यों न हो जाए, एक दूसरे को नारा जरूर लगाएंगे।
 वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया कि नारा लगाना चाहिए। एक-दूसरे को मिलते हुए जो पहले नारा लगाता है सतगुरु का मुँह उसकी तरफ होता है सो नारा जरूर लगाया करो। मालिक आपको खुशियाँ दें। नारे की खुशियाँ अलग से मिलें। 
31.12.6.2026 का प्रण: सत्संग, सेवा और सुमिरन का यानि सिम-कार्ड यूज करते हुए मन का मुकाबला करेंगे।
वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया मालिक आपके घर व शरीर में खुशियाँ और नई ऊर्जा दे।
32. 14.6.2026 का प्रण: थैलीसीमिया के मरीजों के लिए जरूरत के अनुसार जहाँ भी जरूरत होगी नियमित रूप से ब्लड डोनेट करेंगे।
वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया कि खूनदान महादान। किसी भी बीमार की सहायता करने से मालिक खुशियों से लबालब कर देता है।
33. 16.6.2026 का प्रण: हम ए आई टैक्नॉलॉजी व सोशल मीडिया का इस्तेमाल शिक्षा, जागरुकता व समाज कल्याण के लिए करेंगे, ना कि किसी को नुकसान पहुँचाने व गुमराह करने के लिए।
वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया मालिक आपके ध्यान को और बढ़ाए, आप तरक्की करें।
34.17.6.2026 का प्रण: सुखदुआ समाज को सम्मान देंगे तथा उनको कोई अशोभनीय शब्द नहीं कहेंगे।
 वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया सुखदुआ समाज भी गालियाँ या ऐसी चीज नहीं देगा आप भी सुखदुआ समाज के लोगों को गालियाँ नहीं देंगे, अशोभनीय शब्द नहीं कहेंगे। परिवार जहाँ वो जाते हैं वो भी गलत न बोलें और जाने वाले भी उनको गलत न बोलें।
35.19.6.2026 का प्रण: किसी भी नेक कार्य के लिए ‘‘मैं कर नहीं सकता’’ कभी नहीं बोलेंगे। ‘‘मैं कर लूंगा, करके छोड़ूंगा’’ ये शब्द बोलेंगे। नैगेटिविटी छोड़कर जुनून से आगे बढ़ेंगे। 
36. 20.6.2026 का प्रण: दुनिया की तरफ से अंधे, बहरे, गूंगे होकर सच्चे मुरीद बनकर रहेंगे। सतगुरु जो दिखाए वो देखेंगे, जो सुनाए वो सुनेंगे, जो बुलाए वो बोलेंगे। 
वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया आप यह प्रण नारा लगाकर करते हो तो मालिक आपको जल्दी से जल्दी वह खुशियाँ जो पूर्ण मुरीद को मिलती हैं, आपकी झोली में भी डाले।
37. 21.6.2026 का प्रण: हमेशा स्टूडैंट बने रहेंगे। दूसरों से गलत आदतें ग्रहण नहीं करेंगे बल्कि अच्छे गुणों को अपनाएंगे।
वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया आपके अंदर मालिक के दर्शनों का गुण एड हो जाए, नूरानी दर्शन या सादे दर्शन कोई भी।
38. 24-6-2026 का प्रण: हर दिन सुमिरन से पहले सतगुरु की तंदरुस्ती व डेरे की तरक्की के बारे में अरदास करेंगे।

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