शिक्षा और रोजगार
शिकायतकर्ता नहीं पहुंचे तो मुख्यमंत्री ने खुद किया फोन, मौके पर ही मांगी पूरी जानकारी
सरसा में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक, अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश
सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (Nayab Singh Saini) ने शुक्रवार को सरसा के पंचायत भवन में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध निवारण प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री की कार्यशैली चर्चा का विषय बनी रही। सुनवाई के लिए रखी गई शिकायतों में दो ऐसे मामले सामने आए जिनमें शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित नहीं थे। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल संबंधित व्यक्तियों को फोन कर सीधे बातचीत की और मामले की वास्तविक स्थिति जानी।
फतेहपुर जोतांवाली के शिकायतकर्ता से फोन पर की बात
फतेहपुर जोतांवाली निवासी संजय कुमार ने रजवाहे पर साइफन गलत तरीके से बनाए जाने की शिकायत की थी। शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति में मुख्यमंत्री ने स्वयं उन्हें फोन कर पूरे मामले की जानकारी ली। बातचीत के बाद उन्होंने संबंधित एसडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित करने के निर्देश दिए। समिति मौके का निरीक्षण कर किसानों से बातचीत करेगी तथा मामले की विस्तृत रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करेगी।
निर्मल कौर से भी सीधे लिया फीडबैक
बैठक में एक अन्य मामला आयुष विभाग के फार्मासिस्ट रहे दिवंगत विरेंद्र पाल की पत्नी निर्मल कौर से संबंधित था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पति के निधन के बाद उन्हें मिलने वाले लाभ और सहायता समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई। बैठक में उनके पिता उपस्थित हुए और विभागीय कार्रवाई पर संतोष जताया। इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने स्वयं निर्मल कौर से फोन पर बातचीत की। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई कर दी गई है तथा मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
सीवरेज और सड़कों को लेकर दिए विशेष निर्देश
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीवरेज और सड़क निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि जिन शहरी क्षेत्रों में सीवरेज लाइन बिछाई जा चुकी है, वहां जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया जाए ताकि लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े।
15 शिकायतों में से 12 का निपटारा
बैठक में कुल 15 शिकायतें सुनवाई के लिए रखी गई थीं। इनमें से 12 शिकायतों का निपटारा कर दिया गया, जबकि तीन मामलों को आगामी बैठक तक लंबित रखा गया। गांव गंगा निवासी परमजीत सिंह की फर्जी वसीयत संबंधी शिकायत पर अधिकारियों ने बताया कि अंगूठे के निशान की दो स्थानों पर जांच कराई गई, लेकिन निशान धुंधले होने के कारण रिपोर्ट का मिलान नहीं हो सका। दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने मामले को अगली बैठक तक लंबित रखने के निर्देश दिए।
एचएसवीपी और नगर परिषद अधिकारियों से मांगा जवाब
एडिशनल मंडी सरसा निवासी हार्दिक गोयल ने इंडस्ट्रियल एरिया-एक स्थित सर्विस इंडस्ट्री शॉप के नक्शे में पेवमेंट और पार्किंग का सही माप नहीं दिए जाने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) और नगर परिषद के अधिकारियों से जवाब तलब किया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित टेंडर कार्य को शीघ्र शुरू करने को कहा।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में पूर्व राज्यपाल प्रो. गणेशीलाल, ऐलनाबाद विधायक भरत सिंह बैनीवाल, सरसा विधायक गोकुल सेतिया, कालांवाली विधायक शीशपाल केहरवाला, जिला परिषद चेयरमैन कर्ण चौटाला, उपायुक्त शांतनु शर्मा, पुलिस अधीक्षक सरसा दीपक सहारण, पुलिस अधीक्षक डबवाली जसलीन कौर, अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल, नगर परिषद चेयरमैन शांति स्वरूप, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, पूर्व सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी, भाजपा जिलाध्यक्ष सरसा यतिंद्र सिंह एडवोकेट, भाजपा जिलाध्यक्ष डबवाली रेणू शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
जेई के खिलाफ जांच के आदेश
रानियां निवासी बलवीर राम की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि शिकायतकर्ता अपने भाई जगसीर सिंह की मौत से संबंधित कोई नया तथ्य प्रस्तुत करता है तो उसे जांच में शामिल किया जाएगा। रोड़ी निवासी रूलदु राम की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने संबंधित क्षेत्र में गली निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्य के बदले रुपये मांगने के आरोपों की जांच कर संबंधित जेई के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
इसके अलावा भादड़ा निवासी महेंद्र सिंह, तारुआना निवासी राम सिंह, जंडवाला बिश्रोइयां निवासी ओम विष्णु, खुईयां मलकाना निवासी जरनैल सिंह, कुस्सर निवासी महेश कुमार, मेहनाखेड़ा निवासी देवदत्त तथा बरनाला रोड स्थित राम कॉलोनी निवासी शकुंतला की शिकायतों का भी सुनवाई के बाद निपटारा कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जन शिकायतों के समाधान में संवेदनशीलता और जवाबदेही दोनों जरूरी हैं। लोगों को कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जनप्रतिनिधियों ने भी उठाए क्षेत्रीय मुद्दे
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। कालांवाली विधायक शीशपाल केहरवाला ने घग्गर क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा कार्यों के दौरान सरपंचों द्वारा किए गए खर्च के लंबित भुगतान का मामला उठाया। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच करवाकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। सरसा विधायक गोकुल सेतिया ने शहर की सड़कों तथा आॅटो मार्केट की खराब स्थिति का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने इस विषय पर अलग से चर्चा करने की बात कही। बैठक के बाद विधायक गोकुल सेतिया ने मुख्यमंत्री को संबंधित विषयों से जुड़ी फाइल भी सौंपी। जिला परिषद चेयरमैन कर्ण चौटाला ने पंचायत संबंधी मामलों में बीडीपीओ द्वारा फोन नहीं उठाने की शिकायत मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।
