''सुमिरन से बढ़ेगा दिमाग, बढ़ेगी सोचने की शक्ति और मिलेगी परेशानियों से मुक्ति''

राम का नाम जपना चाहिए व बुरी आदतें छोड़ देनी चाहिए

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सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं इन्सान को सुमिरन करना चाहिए। इससे उसकी सोचने की शक्ति बढ़ेगी, दिमाग बढ़ेगा, परेशानियों से निकलने का रास्ता मिलता चला जायेगा और इन्सान परेशानियों से मुक्त हो जाएगा। इसलिए संत, पीर-फकीर सत्संग लगाते हैं, राम का नाम देते हैं। संत समझाते रहते हैं कि राम का नाम जपना चाहिए व बुरी आदतें छोड़ देनी चाहिए, क्योंकि बुरी आदतें आने वाले समय में इन्सान को दुखी करती हैं। Anmol Vachan

आप जी फरमाते हैं कि इन्सान को अपनी जुबान पर कंट्रोल रखना चाहिए, क्योंकि इन्सान की जुबान बहुत चलती है। जुबान चलानी ही है तो राम के नाम में चलानी चाहिए। चुगली, निंदा, बुराई, ईर्ष्या, नफरत, द्वेष के लिए जुबान नहीं चलानी चाहिए, बल्कि अल्लाह, राम की तरफ जितनी तेज जुबान कोई चलाता है उसकी झोलियां भी दया-मेहर से उतनी ही भरती चली जाएंगी लेकिन ऐसा न होकर इसके उलट हो रहा है। लोग निंदा, चुगली बड़े मस्त होकर करते हैं, खूब जोर लगाते हैं। ऐसा लगता है कि पता नहीं कितना बड़ा काम कर रहे हों लेकिन राम-नाम के लिए ऐसा कुछ भी नहीं करते। 

पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि किशोरावस्था में तो इन्सान को राम-नाम की बातें अच्छी नहीं लगती और बाद में उसके पास पछतावे के सिवाय कुछ भी नहीं बचता। जब इन्सान दु:ख, परेशानी में होता है, उस समय गुरु के सारे वचन याद आते हैं और वह रोता रहता है कि मैंने पहले गुरु के वचनों को क्यों नहीं माना? इसलिए एक-दूसरे को बुराई करने से रोकना चाहिए। जैसे दो दोस्त हैं तो वो एक-दूसरे को कहें कि मैं तुझे रोकूंगा और तू मुझे रोकना। इस प्रकार से बुराई को रोकने का प्रयास करना चाहिए। इन्सान बुराई से बचकर मालिक की भक्ति-इबादत करे तो वह दोनों जहानों की खुशियों का हकदार बन सकता है। Anmol Vachan

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